अजयपुर मुल रोड पर मौत की नींव, पुलिया में मिट्टी का भरन कर जनता की जान दांव पर
चंद्रपुर मुल रोड अजयपूर राजमार्ग पर पूलीया का नियमों की हत्या, मिट्टी का भरन कर सनसाइन इंफ्रास्ट्रक्चर और PWD ने जनता को धोखे में रखा
चंद्रपुर महाराष्ट्र
रिपोर्टर:- रमाकांत यादव रिड पब्लिक न्यूज़ भारत
दिनांक:- २० जनवरी २०२५
पूरी खबर:- चंद्रपुर मूल रोड अजयपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही बड़ी पुलिया का निर्माण कार्य अब विकास नहीं बल्कि खुलेआम नियमों की हत्या बन चुका है। सनसाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा पुलिया और सड़क के भरन में PWD के स्पष्ट निर्देशों को रौंदते हुए मुरूम की जगह जानबूझकर साधारण मिट्टी डाली जा रही है। यह कृत्य न सिर्फ घटिया निर्माण का उदाहरण है बल्कि सीधे तौर पर आम नागरिकों की जान को खतरे में डालने वाला है।
मौके पर जब टीम पहुंची तो सच्चाई बिना किसी पर्दे के सामने आ गई। पूरे भरन क्षेत्र में कहीं भी मुरूम नजर नहीं आया, हर तरफ केवल मिट्टी ही मिट्टी थी। इस गंभीर अनियमितता के पुख्ता सबूत वीडियो और फोटो के रूप में रिकॉर्ड किए गए हैं। इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जॉइंट रिव्यू के दौरान कंपनी के मालिक द्वारा यह कहे जाने का आरोप है कि भरन में मिट्टी ही डालनी है और जो करना है कर लो। यह बयान साफ दर्शाता है कि ठेकेदार को न कानून का डर है और न ही PWD की कार्रवाई की परवाह।
हैरानी की बात यह भी है कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर चल रहे इस काम में जानबूझकर PWD का सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, ताकि आम जनता और जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस गड़बड़ी पर न पड़े। यह साफ संकेत है कि पूरा काम पूरी योजना के तहत, पर्दे के पीछे किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिया जैसे संवेदनशील निर्माण में मिट्टी का भरन सीधा-सीधा बड़े हादसे को बुलावा देना है। पहली ही तेज बारिश में पुलिया के धंसने की पूरी संभावना है। यदि ऐसा हुआ तो इसके लिए केवल ठेकेदार ही नहीं, बल्कि आंख मूंदकर बैठे PWD के जिम्मेदार अधिकारी भी बराबर के दोषी होंगे। उस समय किसी के पास बचने का कोई बहाना नहीं होगा।
तस्वीरों में साफ दिखाई देता है कि सड़क का भरन बेहद कमजोर और असुरक्षित तरीके से किया गया है, जो किसी भी हालत में PWD के मानकों पर खरा नहीं उतरता। नियम साफ कहते हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग और पुलिया के निर्माण में मुरूम का उपयोग अनिवार्य है, इसके बावजूद मिट्टी डालकर सरकारी धन की बर्बादी और जनता के साथ खुला धोखा किया जा रहा है।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि यह सब PWD की जानकारी और मौन सहमति के बिना संभव नहीं है। यदि विभाग जानबूझकर इस गड़बड़ी पर चुप्पी साधे बैठा है, तो यह लापरवाही नहीं बल्कि गंभीर अपराध है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस तरह का काम भविष्य में बड़े हादसे, जानमाल की क्षति और प्रशासनिक जवाबदेही तय होने का कारण बन सकता है।
इस मामले में तत्काल उच्चस्तरीय जांच कर सनसाइन इंफ्रास्ट्रक्चर और संबंधित PWD अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाती है। यदि इस मिट्टी के भरन पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई और नियमों के अनुसार काम नहीं कराया गया, तो यह मामला केवल खबर नहीं रहेगा, बल्कि प्रशासनिक और कानूनी स्तर पर बड़ा विस्फोट साबित होगा।