चंद्रपुर मनपा: सत्ता से पहले कांग्रेस में दो गुट आमने-सामने, पुरानी आपसी रार फिर खुलकर आई
चंद्रपुर महाराष्ट्र
रिपोर्टर:- रमाकांत यादव रिड पब्लिक न्यूज़ भारत
दिनांक:- १८ जनवरी २०२६
पूरी खबर:-चंद्रपुर शहर मनपा चुनाव 2026 के नतीजों ने नगर की राजनीति को पूरी तरह से उलझा दिया है। 27 सीटें जीतकर कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी जरूर बनी है, लेकिन स्पष्ट बहुमत न मिलने से सत्ता की राह आसान नहीं रही। इसी के साथ कांग्रेस के भीतर वर्षों से चली आ रही आपसी गुटबाजी एक बार फिर सतह पर आ गई है।
चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस के दो गुट खुलकर आमने-सामने नजर आ रहे हैं। एक गुट सांसद धानोरकर और विधायक सुधाकर अडबाले के नेतृत्व में सक्रिय है, जबकि दूसरा गुट वरिष्ठ नेता और विधायक विजय वडेट्टीवार के इर्द-गिर्द सिमटा हुआ दिखाई दे रहा है। दोनों ही गुट सत्ता स्थापना का दावा कर रहे हैं और नगरसेवकों को अपने पाले में करने की कोशिश तेज हो चुकी है। यह वही पुराना मतभेद है, जिसने पहले भी कई बार पार्टी को अंदर से कमजोर किया है।
भाजपा को इस चुनाव में 23 सीटें मिली हैं, लेकिन बहुमत के लिए 11 नगरसेवकों की आवश्यकता होने से उसकी स्थिति भी मजबूत नहीं कही जा सकती। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा दोनों की नजर निर्दलीय और अपक्ष नगरसेवकों पर टिक गई है, जो इस बार किंगमेकर की भूमिका में आ गए हैं।
कांग्रेस को सत्ता के लिए केवल 7 नगरसेवकों का समर्थन चाहिए, इसी कारण पार्टी के दोनों गुटों के बीच खींचतान और तेज हो गई है। नंदू नगरकर और दानव जैसे नगरसेवकों के नाम इस सियासी जोड़-तोड़ में निर्णायक माने जा रहे हैं।
चंद्रपुर की जनता ने इस चुनाव में साफ संकेत दिया है कि नगर की सत्ता अब सिर्फ दल के नाम से नहीं, बल्कि आपसी एकजुटता और भरोसे से तय होगी। गुटबाजी, अंदरूनी संघर्ष और सत्ता की होड़ के बीच अब सवाल यही है कि क्या कांग्रेस अपने दो गुटों को एक मंच पर ला पाएगी या यह आपसी टकराव सत्ता के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बनेगा। आने वाले दिनों में चंद्रपुर मनपा की राजनीति में बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ देखने को मिल सकता है।


