सोलर पावर प्रोजेक्ट में गंभीर अनियमितताओं के आरोप, नदी से अवैध रेत उत्खनन कर किया जा रहा विशाल भंडारण
चंद्रपुर महाराष्ट्र
रिपोर्टर:- रमाकांत यादव रिड पब्लिक न्यूज़ भारत
दिनांक:- २१ जनवरी २०२६
पूरी खबर:-लखमापुर क्षेत्र में स्थापित 65 मेगावॉट 89 मेगावॉट सोलर पीवी पावर प्लांट में बड़े पैमाने पर अवैध और नियमविरुद्ध गतिविधियां सामने आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार सोलर कंपनी परिसर में लाखों ब्रास टन रेत का अवैध भंडारण किया गया है, जो पूरी तरह से खनिज नियमों और पर्यावरण कानूनों का खुला उल्लंघन बताया जा रहा है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि कंपनी से सटी हुई नदी से सीधे रेत की खुदाई कर उसी रेत को ट्रैक्टर और डंपरों के माध्यम से प्लांट परिसर में जमा किया जा रहा है। नदी से इस तरह खुलेआम रेत की ढुलाई न केवल अवैध है, बल्कि इससे पर्यावरण संतुलन और जल प्रवाह पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
हैरानी की बात यह है कि प्लांट के मुख्य गेट पर अधिकृत सुरक्षा गार्ड की बजाय असामाजिक तत्वों और गुंडों को तैनात किया गया है, जो पत्रकारों और बाहरी व्यक्तियों से अभद्र व्यवहार करते हैं और डराने धमकाने की कोशिश करते हैं।
सूत्रों के अनुसार कंपनी के कुछ अधिकारी कार्यस्थल पर शराब का सेवन करते पाए गए हैं। जब इन गंभीर मामलों पर जवाब मांगने के लिए संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने जानबूझकर फोन उठाना भी उचित नहीं समझा।
यह भी आरोप है कि यहां कार्यरत मजदूरों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। मजदूरी भुगतान में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं और कई मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं किया गया है। कामकाज के तरीके भी बेहद घटिया और असुरक्षित बताए जा रहे हैं।
सूत्र यह भी दावा कर रहे हैं कि इन सभी अनियमितताओं को सीटीपीएस के कुछ अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हमारी टीम द्वारा मौके से फोटो और वीडियो साक्ष्य जुटाए गए हैं। अब बड़ा सवाल यह है कि इतने गंभीर आरोपों और सबूतों के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग कब कार्रवाई करेगा।


