प्रयागराज में अनोखी पहल: दुल्हन खुद लाई अपनी ‘बारात’, बेटियों की समानता का दिया अनोखा संदेश
प्रयागराज। समाज में बेटियों के सम्मान और समान अधिकारों को लेकर एक मिसाल पेश करते हुए प्रयागराज के कीडगंज क्षेत्र में एक अनोखी शादी देखने को मिली। यहाँ की रहने वाली एक दुल्हन ने परंपराओं को तोड़ते हुए खुद बग्घी पर सवार होकर अपनी ही ‘बारात’ निकालकर ससुराल पहुंची। बैंड-बाजे के साथ निकली इस अनोखी बारात को देखने के लिए रास्ते भर भीड़ उमड़ती रही। लोगों ने तालियों और खुशी के साथ इस पहल का स्वागत किया।
दुल्हन के पिता राजेश जायसवाल ने अपनी बेटी का हाथ थामते हुए यह संदेश दिया कि बेटियाँ किसी भी मामले में बेटों से कम नहीं हैं। उन्होंने बताया कि वे अपनी पाँचों बेटियों को हमेशा बेटे जैसा सम्मान देते आए हैं और समाज के सामने यह उदाहरण इसलिए रखा ताकि पुराने विचारों में बदलाव आए। उनका कहना है कि यदि बेटों की बारात सम्मान का प्रतीक मानी जाती है, तो बेटियों की क्यों नहीं?
इस अनोखी बारात की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है और लोग इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं। कई सामाजिक संस्थाएँ भी इस कदम को महिलाओं की समानता और सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ी पहल बता रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह दृश्य सिर्फ एक परिवार की खुशी नहीं, बल्कि समाज के लिए सोच बदलने का संकेत है।
दुल्हन द्वारा खुद ससुराल बारात लेकर जाने का यह निर्णय न केवल सपनों को पंख देने जैसा है, बल्कि यह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक संदेश लेकर आया है—कि बेटी हो या बेटा, दोनों का समान सम्मान और समान अधिकार जरूरी है।
Read Public News मानता है कि ऐसी पहलें समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए नई सोच की नींव तैयार करती हैं।
— Read Public News, ब्यूरो


