दिल्ली में 50 मिनट की अहम बैठक, शिंदे की नाराज़गी खुलकर सामने; बोले – “ही जबाबदारी मुख्यमंत्र्यांची आहे ना, शाह साहेब?”
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दिल्ली में हुई 50 मिनट की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की नाराज़गी खुले तौर पर सामने आई। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने कई मुद्दों पर अपनी असहमति जताई और कहा कि, “ही जबाबदारी मुख्यमंत्र्यांची आहे ना… शाह साहेब?”
हाल के दिनों में राज्य में प्रशासनिक फैसलों, समन्वय की कमी और राजनीतिक दबाव के मुद्दों को लेकर शिंदे गुट की बेचैनी बढ़ी है। बैठक में मुख्यमंत्री ने यह साफ संकेत दिया कि कई मामलों में उन्हें विश्वास में नहीं लिया जा रहा, जबकि सरकार की जिम्मेदारी उनकी है।
दिल्ली में हुई इस चर्चा के बाद राजनीतिक गलियारों में कई सवाल उठने लगे हैं—
क्या महाराष्ट्र में सत्ताधारी गठबंधन में मतभेद गहराए हैं?
क्या शिंदे और भाजपा नेतृत्व के बीच रणनीति को लेकर असहमति मौजूद है?
और सबसे बड़ा सवाल—आगे सत्ता समीकरण किस दिशा में जाएगा?
सूत्रों के अनुसार, भाजपा नेतृत्व ने शिंदे को आश्वस्त किया कि शासन–प्रशासन से जुड़े निर्णयों में बेहतर समन्वय बनाए रखा जाएगा। हालांकि, अंदरखाने यह माना जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
महाराष्ट्र की राजनीति में यह बैठक आगामी चुनावी समीकरणों पर सीधे असर डाल सकती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि शिंदे गुट और भाजपा नेतृत्व आगे क्या कदम उठाते हैं।


