खाटू श्याम जी मंदिर की प्राचीन गाथा और अद्भुत आस्था का प्रतीक
सीकर (राजस्थान)। श्याम बाबा की नगरी खाटूधाम इन दिनों श्रद्धालुओं से गूंज रही है। माना जाता है कि यह मंदिर करीब 4,500 वर्ष पुराना धार्मिक स्थल है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण के महान भक्त बारबारिक की पूजा “श्याम बाबा” के रूप में की जाती है।
मान्यता के अनुसार महाभारत युद्ध से पहले बारबारिक ने भगवान श्रीकृष्ण से वचन लिया था कि वह युद्ध में सबसे कमजोर पक्ष की सहायता करेंगे। श्रीकृष्ण ने भविष्य में आने वाली परिस्थितियों को देखते हुए उनसे दान में उनका शीश मांगा। बारबारिक ने प्रसन्नता से अपना शीश अर्पित कर दिया। यही शीश बाद में खाटू में भूमि के नीचे स्थापित हुआ और वही आज खाटू श्याम जी मंदिर के रूप में पूजित है।
मंदिर की वास्तुकला राजस्थानी शैली का अद्भुत नमूना है। संगमरमर से निर्मित यह मंदिर कला, श्रद्धा और इतिहास का संगम है। मंदिर में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से दर्शन करने आते हैं। विशेष रूप से फाल्गुन मेला के दौरान भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ती है।
श्रद्धालु मानते हैं कि श्याम बाबा की सच्चे मन से की गई अराधना से सभी संकट दूर हो जाते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यही कारण है कि खाटू श्याम जी मंदिर को आज भी “कलीयुग के कृष्ण” के रूप में पूजा जाता है।


