Saturday, June 13, 2026
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आदिवासियों को धोखा देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा- आदिवासी विकास मंत्री डॉ. उईके रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम रिड पब्लिक न्यूज 24 भारत मिडिया नेटवर्क

आदिवासियों को धोखा देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा- आदिवासी विकास मंत्री डॉ. उईके

रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम रिड पब्लिक न्यूज 24 भारत मिडिया नेटवर्क

फर्जी सातबारा पर फसल ऋण वसूली का मामला

सिस्टम को सख्त कार्रवाई करने के निर्देश

चंद्रपुर, दिनांक 21: जिवती तालुका में कोलम

आदिवासी खेतिहर मजदूरों के नाम पर फर्जी सातबारा बनाकर उनसे फसल ऋण ठगने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। राज्य के आदिवासी विकास मंत्री और चंद्रपुर जिले के पालकमंत्री डॉ. अशोक उइके ने कहा कि जिला प्रशासन को इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

चंद्रपुर जिले के कोरपना, जिवती, गडचंदूर तालुकाओं के 32 या उससे अधिक आदिवासी कोलम खेतिहर मजदूरों की अज्ञानता का फायदा उठाकर और उन्हें सरकारी सब्सिडी का लालच देकर, आरोपी विनायक राठौड़ ने इन खेतिहर मजदूरों से उनके पासपोर्ट फोटो और आधार कार्ड एकत्र किए। सरकार से सब्सिडी प्राप्त करने के लिए एक नई योजना शुरू की गई है। उसने कोलम आदिवासी खेतिहर मजदूरों की अज्ञानता और भोलेपन का फायदा उठाते हुए कहा कि वह आपको योजना के लिए पैसे दिलाएगा। उसने एकत्र किए गए पासपोर्ट और आधार कार्ड के आधार पर एक नकली सातबारा तैयार किया। उसने फसल ऋण के लिए आवश्यक अन्य दस्तावेज भी तैयार किए। राठौड़ ने आदिवासी खेतिहर मजदूरों को गडचंदूर के विदर्भ कोंकण ग्रामीण बैंक में बुलाया और फाइल पर उनके हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान लिए।
न्यूनतम 1 लाख 60 हजार रुपये से 1 लाख 70 हजार रुपये तक का फसल ऋण स्वीकृत

मारोतिगुडा (जिवती तालुका) के बालाजी सुरेश सिडाम को बैंक में बुलाया गया और फसल ऋण के 1 लाख 60 हजार रुपये निकालने के लिए कहा गया, जिसमें से उन्होंने सिडाम को केवल 10 हजार रुपये दिए और शेष राशि अपने पास रख ली।

विदर्भ कोंकण ग्रामीण बैंक के कर्मचारी जब बकाया ऋण वसूलने सिदाम आए, तो उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई ऋण नहीं लिया है। बैंक में पूछताछ करने पर पता चला कि जुलाई 2021 में विनायक राठौड़ ने आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर फर्जी सातबारा तैयार कर फसल ऋण की राशि का गबन किया था। गौरतलब है कि आरोपी विनायक राठौड़ ने आसपास के गांवों के 32 से अधिक आदिवासी कोलम खेतिहर मजदूरों के नाम पर फर्जी सातबारा बनाकर अंडा को 50 से 55 लाख रुपये का चूना लगाया है।

इस मामले में बालाजी सिडाम की शिकायत पर 15 सितंबर 2025 को गड़चांदूर पुलिस स्टेशन में विनायक राठौड़ के खिलाफ धारा 420, 465, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पालकमंत्री डॉ. अशोक उइके ने जिला प्रशासन को जिले में आदिवासियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

संपादक

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