चंद्रपुर जिला कलेक्टर विनय गौड़ा कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब किसान आईडी अनिवार्य है
किसानों ने शीघ्र किसान आईडी जारी करने का किया आग्रह
रिपोर्टर:- नरसिंग बोल्लम आर पब्लिक न्यूज भारत मिडिया नेटवर्क
चंद्रपुर, जिला. 17 अप्रैल: डिजिटल युग में कृषि क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एग्रीस्टैक योजना को चंद्रपुर जिले में प्रभावी ढंग से लागू किया जा रहा है। यह योजना किसानों को आधुनिक तकनीक की मदद से विभिन्न सेवाएँ और सुविधाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से क्रियान्वित की जा रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों के भूमि रिकॉर्ड, फसल उत्पादन, बाजार के अवसर, सरकारी योजनाएं और आधुनिक तकनीक से संबंधित जानकारी को डिजिटल रूप से एकीकृत किया जाएगा। यह पहल किसानों को अपनी कृषि से संबंधित निर्णय अधिक जानकारीपूर्ण और आसान तरीके से लेने में सक्षम बनाएगी। इसलिए अब किसानों के लिए किसान आईडी अनिवार्य कर दी गई है।
इस योजना के तहत राज्य के सभी किसानों के आधार संबंधी सूचना सेट (किसान रजिस्ट्री), किसानों के खेतों में मौसमी फसलों की जानकारी सेट (फसल पुत्र रजिस्ट्री) और भू-संदर्भित (जियो रेफरेंस लैंड पार्सल) सूचना सेट एक साथ तैयार किया जा रहा है। किसान सूचना सेट बनाने के लिए राजस्व प्राधिकरण के रिकॉर्ड में किसान और खेत की जानकारी लेकर किसान के आधार नंबर को उस जानकारी से जोड़ा जाता है और प्रत्येक किसान को उसके खेत के साथ एक किसान आईडी नंबर (किसान आईडी) दिया जाता है।
इस योजना के कार्यान्वयन के लिए चंद्रपुर जिले के राजस्व और कृषि विभाग के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन के समन्वय से विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों के लाभ के लिए डिजिटल फार्म डेटाबेस बनाकर किसानों को प्रौद्योगिकी की मदद से कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए किसानों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान करने की योजना बनाई गई है और इस उद्देश्य के लिए विशेष कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी। इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को पूरी जानकारी मिलेगी, वे आधुनिक तकनीक का सही उपयोग करके कृषि व्यवसाय को अधिक उत्पादक बना सकते हैं।
किसानों को एग्रीस्टैक योजना के लाभ:
सरकारी योजनाओं का त्वरित लाभ : किसानों की जानकारी
डिजिटल रूप में एकत्रित होने से सब्सिडी, फसल बीमा, ऋण और अन्य योजनाओं का लाभ आसानी से मिलता है।
कृषि में आधुनिक तकनीक का प्रयोग : मौसम पूर्वानुमान,
मृदा परीक्षण और फसल उत्पादन के उन्नत तरीकों की जानकारी, जिससे पैदावार में वृद्धि हो सकती है।
बाज़ार के अवसर: किसानों को बाज़ार मूल्य
नवीनतम जानकारी प्राप्त होती है, साथ ही डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से सीधे बेचने के अवसर भी मिलते हैं।
वित्तीय सुरक्षा: प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी)
यह प्रणाली किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में सब्सिडी और वित्तीय सहायता प्राप्त करने की अनुमति देती है।
आसान नामांकन प्रक्रिया : विभिन्न योजनाओं का लाभ
किसानों को प्रवेश के लिए बार-बार दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनकी सभी जानकारी एक ही डिजिटल डेटाबेस में संग्रहीत है।
कृषि में जोखिम कम करना: फसल बीमा और आपदाएँ
प्रबंधन योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध होता है, जो प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई करता है।
कृषि विभाग द्वारा क्रियान्वित योजनाओं के लाभ के लिए किसानों की पहचान हेतु एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों को दिए जाने वाले किसान आईडी नंबर (किसान आईडी) को 15 अप्रैल 2025 से अनिवार्य कर दिया गया है।
किसानों से अपील: किसान आईडी पंजीकृत
किसानों को सब्सिडी, फसल बीमा, प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि के लिए आवश्यक संसाधनों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिन किसानों ने अभी तक किसान पहचान पत्र संख्या के लिए पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें जल्द से जल्द एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण करने के लिए ग्राम कृषि विकास समिति, सीएससी और फील्ड सिस्टम की सहायता लेनी चाहिए। कलेक्टर विनय गौड़ा जी.सी. ने अपील की कि सभी किसानों को इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाना चाहिए। और ऐसा जिला प्रशासन की ओर से किया गया है