कांग्रेस की जीत, लेकिन भाजपा की अंदरूनी कलह ने तय किया नतीजा
चंद्रपुर महाराष्ट्र
रिपोर्टर:- रमाकांत यादव रिड पब्लिक न्यूज़ भारत
दिनांक:- २२ दिसंबर २०२५
पूरी खबर:-चंद्रपुर जिले की राजनीति में घुग्घूस नगरपरिषद चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि भाजपा की हार के पीछे विपक्ष की ताकत से ज्यादा पार्टी के भीतर चल रही आपसी खींचतान जिम्मेदार है।
घुग्घूस नगरपरिषद में कांग्रेस ने जीत दर्ज की, लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह जीत केवल कांग्रेस की रणनीति का परिणाम नहीं, बल्कि भाजपा के दिग्गज नेताओं किशोर जोरगेवार, हंसराज अहीर और सुधीर मुनगंटीवार के बीच चल रहे मतभेदों का सीधा असर है।
पूरे जिले में दिखा एक जैसा ट्रेंड
घुग्घूस ही नहीं, बल्कि बल्लारपुर, राजुरा और मूल जैसे महत्वपूर्ण नगर निकाय क्षेत्रों में भी भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा। इन सभी स्थानों पर कांग्रेस को फायदा मिला और भाजपा का संगठन कमजोर नजर आया।
स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि भाजपा के भीतर गुटबाजी, समन्वय की कमी और एक-दूसरे को नीचा दिखाने की राजनीति ने जमीनी स्तर पर पार्टी को नुकसान पहुंचाया।
आने वाले समय में चंद्रपुर महानगरपालिका पर असर तय
राजनीतिक समीक्षकों का मानना है कि अगर भाजपा में यही आपसी मतभेद और नेतृत्व को लेकर संघर्ष जारी रहा, तो आगामी चंद्रपुर महानगरपालिका चुनावों में भी भाजपा को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
यह भी कहा जा रहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए चंद्रपुर जिले में भाजपा का जनाधार लगातार कमजोर होता जा रहा है और अगर समय रहते हालात नहीं सुधारे गए, तो भविष्य में जिले से भाजपा का पूरी तरह सफाया होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
निष्कर्ष
घुग्घूस नगरपरिषद चुनाव का यह परिणाम सिर्फ एक स्थानीय जीत-हार नहीं, बल्कि चंद्रपुर जिले की राजनीति में बदलते समीकरणों का संकेत है, जहां भाजपा की अंदरूनी राजनीति कांग्रेस के लिए संजीवनी साबित हो रही है।