Sunday, June 14, 2026
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जिला मजिस्ट्रेट ने लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम रिड पब्लिक न्यूज 24 भारत मिडिया नेटवर्क

जिला मजिस्ट्रेट ने लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए

रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम रिड पब्लिक न्यूज 24 भारत मिडिया नेटवर्क

अवैध लिंग परीक्षण की रिपोर्ट करें, पुरस्कार जीतें

चंद्रपुर, दिनांक 9: सितंबर प्रसवपूर्व एवं प्रसवपूर्व निदान तकनीकें

अवैध रूप से लिंग परीक्षण और गर्भपात कराना कानूनन अपराध है। जिला कलेक्टर विनय गौड़ा जी.सी. ने ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

जिला कलेक्टर कार्यालय के विस कलमी हॉल में आयोजित बैठक में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुलकित सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ईश्वर कटकड़े, जिला शल्य चिकित्सक डॉ. महादेव चिंचोले, डॉ. भास्कर सोनारकर, डॉ. नयना उत्तरवार और स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।

जिला कलेक्टर ने कहा कि जिले में अवैध लिंग निर्धारण केंद्रों की जानकारी देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। सूचना के आधार पर यदि व्यक्ति या केंद्र के खिलाफ मामला दर्ज किया जाता है, तो सूचना देने वाले को सरकार की ओर से 1 लाख रुपये और चंद्रपुर महानगरपालिका की ओर से 25 हजार रुपये, कुल मिलाकर 1 लाख 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। साथ ही, स्टिंग ऑपरेशन में भाग लेने वाली गर्भवती महिला को अदालत में मामला दर्ज करने पर सरकार की ओर से 1 लाख रुपये और महानगरपालिका की ओर से 25 हजार रुपये, कुल मिलाकर 1 लाख 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।

सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों, अस्पतालों और क्लीनिकों की कड़ी निगरानी
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्टिंग ऑपरेशन बढ़ाने, हर तीन महीने में सभी सोनोग्राफी केंद्रों का निरीक्षण करने और 12 सप्ताह से अधिक के गर्भपात करने वाले केंद्रों का दौरा करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सभी दस्तावेजों, रिपोर्टों और रिकार्डों की सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार कड़ाई से जांच की जाए, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न हो तथा आवश्यकतानुसार पुलिस विभाग और अन्य सरकारी कर्मचारियों का सहयोग लिया जाए।

जन्म से पहले यह जानना कि बच्चा लड़का है या लड़की, कानूनन अपराध है। नागरिक ऐसे अवैध कृत्यों की सूचना निम्नलिखित टोल-फ्री नंबरों और मीडिया के माध्यम से दे सकते हैं: 18002334475 (सरकारी टोल-फ्री हेल्पलाइन), 104 (स्वास्थ्य टोल-फ्री नंबर), 18002574010 (नगर पालिका टोल-फ्री नंबर), व्हाट्सएप: 8530006063, वेबसाइट: www.amchimulgimaha.in, शिकायत निवारण ऐप: https://grievance.com/

cmcchandrapur.com /कंप्लेंट_रजिस्ट्रेशन/एड इत्यादी.

लिंग परीक्षण की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए जन जागरूकता एवं कानून का कड़ाई से क्रियान्वयन आवश्यक है। जिलाधिकारी ने समाज के प्रत्येक वर्ग से “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान में योगदान देने की अपील की।

संपादक

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