Wednesday, April 15, 2026
HomeBreaking newsचिमूर में ‘मीडिया’ की आड़ में खंडणी का खेल! ट्रैक्टर रोककर 15...

चिमूर में ‘मीडिया’ की आड़ में खंडणी का खेल! ट्रैक्टर रोककर 15 हजार की मांग, धमकियों के बाद युवक से वसूले पैसे

चिमूर में ‘मीडिया’ की आड़ में खंडणी का खेल! ट्रैक्टर रोककर 15 हजार की मांग, धमकियों के बाद युवक से वसूले पैसे

चंद्रपुर महाराष्ट्र 

रिपोर्टर:- रमाकांत यादव रिड पब्लिक न्यूज़ भारत 

दिनांक:-२५ मार्च २०२५

पूरी खबर:- चंद्रपुर के चिमूर में खंडणीखोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को मीडिया से जुड़ा बताने वाले आरोपियों ने एक युवक को निशाना बनाकर पैसे ऐंठने की कोशिश की। 24 मार्च 2026 को चिमूर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, प्रथम संजय बाळबुधे (23) जो बिल्डिंग मटेरियल सप्लाय का काम करता है, उसके साथ यह पूरी घटना घटी।
बताया जा रहा है कि 23 मार्च की रात करीब 10:30 बजे प्रथम ने अपना ट्रैक्टर मजदूरों को छोड़ने के लिए मौजा उसेगांव भेजा था। इसी दौरान रास्ते में आरोपी शादुल पचारे, विलास मोहीनकर, शुभम रणदीवे, संजय नागदेवते और जितेंद्र घाडगे ने ट्रैक्टर को बीच रास्ते में रोक लिया। आरोपियों ने प्रथम पर अवैध रेत कारोबार का आरोप लगाते हुए तहसीलदार को बुलाकर कार्रवाई करवाने की धमकी दी और सीधे 15 हजार रुपए की खंडणी की मांग ठोक दी।
लेकिन जब उन्हें पता चला कि ट्रैक्टर खाली है और मजदूरों को गांव छोड़ा जा रहा है, तो प्रथम ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद उसने गांव के लोगों को मदद के लिए बुलाया। जैसे ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, सभी आरोपी वहां से फरार हो गए।
मामला यहीं नहीं थमा। अगले ही दिन 24 मार्च को सुबह से ही आरोपियों ने फोन पर धमकियों का सिलसिला शुरू कर दिया। खुद को यूट्यूब और साप्ताहिक अखबार से जुड़ा बताकर उन्होंने दबाव बनाया और आखिरकार प्रथम से 5 हजार रुपए ऑनलाइन वसूल भी लिए। इसके बावजूद आरोपियों की मांग खत्म नहीं हुई और वे बार-बार पैसे के लिए दबाव बनाते रहे।
लगातार हो रही इस मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर प्रथम ने आखिरकार चिमूर पुलिस स्टेशन का दरवाजा खटखटाया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2), 126(2), 3(5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
इस पूरे मामले की जांच जिला पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी दिनकर ठोसरे और पुलिस निरीक्षक दिनेश लबडे के मार्गदर्शन में सपोनी अमोल बारापात्रे द्वारा की जा रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ‘मीडिया’ का नाम लेकर खंडणी वसूलने वाले ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा? स्थानीय नागरिकों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है और आरोपीयों पर कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

संपादक

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular