सुरक्षा नियम याद दिलाने पर पत्रकार को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी
बल्लारपुर में कानून व्यवस्था पर सवाल, आरोपी को सख्त सजा देने की मांग
चंद्रपुर महाराष्ट्र
रिपोर्टर:- रमाकांत यादव रिड पब्लिक न्यूज़ भारत
दिनांक:- ३ फरवरी २०२६
पूरी खबर:-सार्वजनिक सुरक्षा के हित में कामगारों को सुरक्षा उपकरण पहनने की सामान्य सलाह देना एक पत्रकार को भारी पड़ गया। इसी बात से नाराज होकर एक व्यक्ति द्वारा पत्रकार के साथ बीच सड़क पर अश्लील गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस घटना से शहर के पत्रकारों और जागरूक नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
रविंद्र नगर वार्ड, बल्लारपुर निवासी एवं पत्रकार रमेश शीतलप्रसाद निशाद उम्र 49 वर्ष ने इस संबंध में बल्लारपुर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, दिनांक 2 फरवरी 2026 को सुबह करीब 7.30 बजे वे अपने एक मित्र के साथ इम्प्लिकेट गार्डन, वन विकास महामंडल कार्यालय के पीछे के परिसर में टहलने गए थे।
उसी दौरान कुछ लोग ओवरलोड ट्रक से बिना किसी सुरक्षा साधन के लकड़ी उतार रहे थे। किसी के सिर पर हेलमेट नहीं था, न पैरों में सुरक्षा जूते और न ही अन्य जरूरी उपकरण। स्थिति को अत्यंत खतरनाक देखते हुए पत्रकार रमेश निशाद ने कामगारों से अपील की कि वे अपनी जान की सुरक्षा के लिए हेलमेट, जूते और अन्य सुरक्षा साधन पहनकर ही काम करें।
इतनी सी बात से भड़ककर वहां मौजूद आरोपी अवधेश यादव ने कहा, “यही वह पत्रकार है, जिसने पहले हमारे खिलाफ खबरें छापी हैं,” और आसपास के लोगों को इकट्ठा कर लिया। इसके बाद आरोपी ने पत्रकार के साथ अभद्र भाषा में गाली-गलौज की और कहा कि “यहां वीडियो मत बनाना, दोबारा यहां दिखाई दिया तो जान से मार देंगे।”
घटना के बाद पत्रकार रमेश निशाद ने अपनी जान को खतरा बताते हुए तुरंत बल्लारपुर पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 एवं 351(2) के तहत अपराध दर्ज किया है।
इस प्रकरण की जांच पुलिस निरीक्षक बिपिन इंगळे के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक विक्की लोखंडे कर रहे हैं।
पत्रकारों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति सिर्फ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने पर इस तरह धमकाया जाता है, तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है। आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति पत्रकारों को धमकाने की हिम्मत न कर सके।


