महाराष्ट्र में रेत माफिया पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, अवैध खनन कर रही गाड़ियों का परमिट मौके पर ही रद्द करने का आदेश
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने राज्य में चल रहे रेत और अन्य गौण खनिजों के अवैध उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई शुरू की है। राजस्व विभाग ने 26 नवंबर को एक महत्वपूर्ण परिपत्रक जारी करते हुए अवैध खनन और परिवहन में पकड़ी जाने वाली गाड़ियों पर मौके पर ही परमिट निलंबित या रद्द करने का कड़ा आदेश दिया है। यह कार्रवाई राज्य परिवहन प्राधिकरण के नए निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
राज्य में बड़े पैमाने पर हो रही रेत चोरी से न केवल सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुंच रही है। इसके साथ ही अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने जाने वाले सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ गया है। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने अब सख्त नीति लागू करने का निर्णय लिया है।
तीन चरणों में कार्रवाई (मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 86 के तहत)
- पहला मामला:
30 दिनों के लिए परमिट निलंबित और वाहन को जब्त कर रोककर रखा जाएगा। - दूसरा मामला:
60 दिनों के लिए परमिट निलंबित और वाहन जब्त रहेगा। - तीसरा मामला:
वाहन का परमिट स्थायी रूप से रद्द, साथ ही क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण द्वारा वाहन जप्त कर आगे की कार्रवाई।
किन वाहनों पर कड़ी नजर?
अवैध उत्खनन और वाहतूक में शामिल इन वाहनों व मशीनरी पर सीधे कार्रवाई की जाएगी—
ड्रिल मशीन, जेसीबी, पोकलैंड, ट्रैक्टर–ट्रॉली, हाफ बॉडी-फुल बॉडी ट्रक, डंपर, ट्रॉलर, कम्प्रेसर, मोटराइज्ड बोट, बार्ज, एक्सकावेटर, मैकेनाइज्ड लोडर आदि।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार का राजस्व चोरी करना गंभीर अपराध है और जानबूझकर ऐसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य की क्षेत्रीय टीमें अवैध वाहनों की सूचना तुरंत परिवहन विभाग को देंगी ताकि मौके पर ही कार्रवाई की जा सके और अवैध रेत तस्करी पर कड़ा अंकुश लगाया जा सके।
महाराष्ट्र सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में ऐसी कार्रवाई और तेज की जाएगी।


