गोरखपुर की शर्मनाक घटना
गोरखपुर में घटी एक हृदयविदारक घटना ने फिर साबित कर दिया है कि समाज में रिश्तों की कीमत कितनी तेजी से गिरती जा रही है। वृद्धाश्रम में रह रही एक बुजुर्ग माँ की मौत के बाद उनके ही बेटे ने शव लेने से मना कर दिया, यह कहते हुए कि घर में शादी है, अपशकुन हो जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, बुजुर्ग महिला लंबे समय से वृद्धाश्रम में रह रही थीं। बीमारी के चलते उनकी मौत हो गई। जब परिजनों को सूचना दी गई तो बेटे ने शव अपने घर लाने से इंकार कर दिया और आश्रम प्रबंधन से कहा कि शव को चार दिन डीप फ्रीजर में रखवा दें, शादी के बाद अंतिम संस्कार करेंगे।
माँ की मौत के बाद भी बेटों का ऐसा व्यवहार समाज के लिए शर्मनाक उदाहरण है। मजबूर पिता ने परिस्थिति को देखते हुए पत्नी का शव दफनाया, यह सोचकर कि चार दिन बाद परिजन अंतिम संस्कार करेंगे।
इस घटना ने मानवता, रिश्तों और संवेदनाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या खुशियों का कोई भी अवसर माता-पिता के अंतिम सम्मान से बड़ा हो सकता है?
क्या ऐसे व्यवहार को समाज माफ़ कर सकता है?
यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि हमारे बदलते सामाजिक मूल्यों पर गंभीर सवाल है।
Read Public News की अपील:
रिश्तों का सम्मान करें। माता-पिता का स्थान किसी भी अवसर या सुविधा से बड़ा होता है। ऐसी घटनाएँ समाज के लिए कलंक हैं और जागरूकता की आवश्यकता को दर्शाती हैं।


