चंद्रपुर के दुर्गापुर में 6 साल में वन्यप्राणियों के हमलों से 17 मौतें, सौर–इलेक्ट्रिक फेंसिंग की मांग तेज
चंद्रपुर : दुर्गापुर और ऊर्जा नगर क्षेत्र में पिछले छह वर्षों में बाघ और तेंदुए के हमलों में अब तक 17 नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिसके चलते स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। डब्ल्यूसीएल की दुर्गापुर एक्सपेंशन ओपन कास्ट माइंस के लिए 121.58 हेक्टेयर वनभूमि डायवर्ट किए जाने के बाद से वन्यजीव हमलों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष नितीन भटारकर ने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, वन मंत्री और वेकोली अधिकारियों को सौंपे गए ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि 6,000 रनिंग मीटर क्षेत्र में 3 फीट ऊंची दीवार और उसके ऊपर 10 फीट ऊंची सौर व इलेक्ट्रिक पल्स फेंसिंग तुरंत लगाई जाए, ताकि वन्यप्राणियों की गांवों और मानव बस्तियों में घुसपैठ रोकी जा सके।
जानकारी के अनुसार 121.58 हेक्टेयर वनभूमि पर पहले से ही घना वन्यजीव अधिवास दर्ज था, इसके बावजूद वेकोली और वन विभाग द्वारा हजारों पेड़ों की अवैध कटाई की गई। इस गंभीर पर्यावरणीय क्षति के खिलाफ प्रकृति प्रेमी संगठनों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण बाघ, तेंदुआ और भालू सीधे मानव बस्तियों तक पहुंचने लगे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल है।
राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की शर्तों के अनुसार 6,000 रनिंग मीटर (6 किमी) क्षेत्र में 3 फीट दीवार और 10 फीट मॉनिटर की गई सौर/इलेक्ट्रिक पल्स फेंसिंग लगाना अनिवार्य था। इसके लिए 447 लाख रुपये का प्रावधान है और वेकोली द्वारा 899 लाख रुपये CAMPA खाते में जमा भी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद अब तक 1 प्रतिशत कार्य भी पूरा नहीं हुआ है।
नितीन भटारकर ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा फेंसिंग का कार्य तुरंत शुरू नहीं किया गया, तो स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर तीव्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
(Read Public News रिपोर्ट)


