चंद्रपुर भाजपा में बढ़ा टकराव: मुनगंटीवार बनाम जोरगेवार की खींचतान के बीच पाझारे की वापसी से सियासी हलचल तेज
चंद्रपुर
23 नवंबर 2025
चंद्रपुर भाजपा में अंदरूनी शक्ति संघर्ष एक बार फिर सुर्खियों में है। वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार तथा विधायक किशोर जोरगेवार के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान अब खुले टकराव की स्थिति में पहुंच चुकी है। पार्टी के फैसलों और उम्मीदवारों को लेकर दोनों नेताओं के समर्थक भी दो धड़ों में बंटते दिखाई दे रहे हैं।
जोरगेवार को भाजपा में लाने का पुराना विरोध अभी भी शांत नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार जोरगेवार के प्रवेश और उन्हें टिकट देने के फैसले पर मुनगंटीवार ने राष्ट्रीय स्तर तक नाराजगी जताई थी, लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने जोरगेवार के पक्ष में निर्णय लिया। इस फैसले के बाद से पार्टी की रणनीति और प्रभाव क्षेत्रों को लेकर दोनों नेताओं के बीच दूरी लगातार बढ़ती जा रही है।
इसी बीच भाजपा ने बागी रुख के चलते पहले निष्कासित किए गए नेता ब्रिजभूषण पाझारे को फिर से पार्टी में शामिल कर लिया है। पाझारे की वापसी को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है, क्योंकि यह प्रवेश मुनगंटीवार गुट के नेतृत्व में किया गया, जबकि जोरगेवार इस कार्यक्रम से पूरी तरह अनुपस्थित रहे। इससे सियासी संदेश स्पष्ट है कि दोनों गुट एक-दूसरे के समानांतर अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं।
कार्यकर्ताओं में भी इस टकराव का असर दिखाई देने लगा है। स्थानीय संगठन और मोर्चा इकाइयों में आवेदन और जिम्मेदारियों को लेकर खुली रस्साकशी की स्थिति बन गई है। भाजपा की भविष्य की चुनावी रणनीति ऐसे माहौल में और चुनौतीपूर्ण होती दिखाई दे रही है, जबकि विपक्ष इस स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।
चंद्रपुर की राजनीति में मुनगंटीवार बनाम जोरगेवार संघर्ष कोई नया नहीं, लेकिन पाझारे की घरवापसी ने इसे नई दिशा दे दी है। आने वाले चुनावों में पार्टी किस प्रकार नेतृत्व को एकजुट कर पाती है, यह देखने वाली बात होगी।


