क्या मिला डायबिटीज का फाइनल इलाज? एक इंजेक्शन में ठीक हो सकती है यह बीमारी…
नई दिल्ली। डायबिटीज के इलाज में एक बड़ा मोड़ सामने आया है। शोधकर्ताओं ने ऐसे प्रायोगिक अध्ययन में सफलता पाई है जिनमें कुछ रोगियों को ऐसा इलाज मिल रहा है जिसकी मदद से नियमित इंजेक्शन या डायबिटीज़ पर पूरी तरह नियंत्रण संभव हो सकता है। अनुसंधान में यह दिखा है कि सिर्फ एक इंजेक्शन (या इंजेक्शन-स्तर का चिकित्सा हस्तक्षेप) से रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर लंबे समय तक नियंत्रित रखा जा सकता है।
इस नए इलाज में Insulin icodec जैसे इंजेक्टेबल बायलॉजिक/अनालॉग आधिकारिक रूप से विकसित हो रहे हैं, जिन्हें प्रति हफ्ते-एक बार दिया जा सकता है। साथ ही Tzield नामक दवा ने जोखिम में डायबिटीज-1 रोगियों में शुरुआत में सकारात्मक परिणाम दिखाए हैं।
हालाँकि शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह अभी प्रारंभिक चरण में है। मानव पर व्यापक परीक्षण बाकी हैं और यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह “पक्का इलाज” बन गया है।
इस विकास के मायने बहुत बड़े हैं क्योंकि डायबिटीज के लिए आज भी जीवनपर्यंत सलाह-दवाई, रक्त-शुगर-निगरानी एवं नियमित इंजेक्शन आवश्यक हैं। अगर यह इलाज सफल हो जाता है, तो लाखों लोगों को इंजेक्शन-थकान, इंजेक्शन-दर्द और नियमित चिकित्सा झंझट से राहत मिल सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे “उम्मीद की किरण” कहा है पर साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि इलाज उपलब्ध होने में अभी समय लगेगा, लागत, सुरक्षा और व्यापक उपयोग की चुनौतियाँ अभी शेष हैं।


