जिला कलेक्टर और न्यायाधीश ने अनाथालय की बच्चियों के साथ मनाई दिवाली | बच्चों के विकास के लिए प्रेरणादायक संदेश और शुभकामनाएं
रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम रिडपब्लिकन्यूज. इन
चंद्रपुर, दिनांक 20: चंद्रपुर स्थित बालगृह में शुक्रवार को दिवाली का त्यौहार बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर विनय गौड़ा जी.सी. और मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश एस.एस. भीष्म ने बालगृह की बच्चियों के साथ दिवाली मनाई और उनकी खुशियाँ दोगुनी कर दीं।
अनाथालय में देखभाल और संरक्षण की ज़रूरत वाले बच्चों के साथ एक परिवार की तरह त्योहार मनाते हुए, ज़िला कलेक्टर विनय गौड़ा ने बच्चियों को जीवन में सकारात्मक रहने और सफल होने का मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बच्चों को बाहरी दुनिया का अनुभव करने और सही रास्ते पर चलकर अपना जीवन जीने की सलाह दी और उन्हें दिवाली की शुभकामनाएँ दीं।
मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश भीष्म ने अनाथालय में रहने को एक अवसर के रूप में देखने का संदेश दिया और इस अवसर का भरपूर लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने का आश्वासन भी दिया। इस अवसर पर किशोर न्याय बोर्ड की अध्यक्ष सीमा लाडसे ने बालिकाओं को संदेश दिया, “आसमान में चील की तरह उड़ने का प्रयास करो, आकाश को सीमा मानकर पढ़ाई करो।” बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष एडवोकेट क्षमा बसरकर ने शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के महत्व पर बल दिया और बालिकाओं को अपना आत्मविश्वास बढ़ाने की सलाह दी। गणमान्य व्यक्तियों ने अनाथालय में बालिकाओं द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प जैसे दीये, लालटेन, ग्रीटिंग कार्ड आदि की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बालिकाओं की प्रशंसा की।
उन्होंने साहित्य खरीदकर बालिकाओं का उत्साह बढ़ाया। इसके बाद, सभी गणमान्यों ने बच्चों के साथ दिवाली के नाश्ते का आनंद लिया। कार्यक्रम में किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य डॉ. जोत्सना मोहितकर, वनिता घुमे, भावना देशमुख, एडवोकेट मनीषा नखाटे, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी मीनाक्षी भस्मे, जिला बाल संरक्षण अधिकारी अजय साखरकर, अधीक्षक, परामर्शदाता और कर्मचारी उपस्थित थे।
जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी एवं बाल कल्याण समिति के मार्गदर्शन में संस्था के कर्मचारियों द्वारा कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।अंत में काउंसलर यशवंत बावनकर ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।