चंद्रपुर में फिर पलटता नजर आ रहा है पासा! अमित शाह का फोन आया, और सुधीर मुनगंटीवार को मिलने वाली है बड़ी जिम्मेदारी
चंद्रपुर/महाराष्ट्र
दिनांक:- १२ अक्टूबर २०२५
रिपोर्टर:- रमाकांत यादव रिड पब्लिक न्यूज़ भारत मिडिया नेटवर्क
पूरी खबर:-चंद्रपुर की राजनीति में इस वक्त हलचल मची हुई है।
कहा जा सकता है कि पासा फिर से पलटता नजर आ रहा है।
बीते कुछ महीनों से राजनीतिक समीकरणों में उलटफेर हो रहे हैं, और अब खबरों के गलियारों में चर्चा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने खुद सुधीर मुनगंटीवार को फोन किया है।
जी हां, वही सुधीर मुनगंटीवार — चंद्रपुर का नाम जिसने महाराष्ट्र की राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई है।
अमित शाह के फोन ने अब पूरे जिले में सियासी हलचल मचा दी है।
राजनीतिक गलियारों से लेकर चौराहों तक, हर जगह एक ही सवाल गूंज रहा है —
“आखिर मुनगंटीवार को कौन सी बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है?”
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में पार्टी हाईकमान ने हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण पदों पर बदलाव की चर्चा शुरू की है,
और इन बदलावों की सूची में सुधीर मुनगंटीवार का नाम तेजी से उभर रहा है।
कुछ अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि
मुनगंटीवार को जल्द ही महाराष्ट्र या केंद्र स्तर पर अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है।
ये जिम्मेदारी मंत्रालय की भी हो सकती है, या पार्टी संगठन में किसी बड़े पद की —
लेकिन इतना तय है कि सियासी पासा अब पूरी तरह मुनगंटीवार के पक्ष में घूम चुका है।
चंद्रपुर में इस खबर के बाद समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
कई जगहों पर मिठाइयाँ बांटी जा रही हैं, तो कहीं पोस्टर तैयार हो रहे हैं।
लोग कह रहे हैं —
“अबकी बार चंद्रपुर का बेटा फिर चमकेगा दिल्ली दरबार में।”
वहीं, गणेश विसर्जन के दिन डीजे पर एक गाना खूब बजा —
“बाप तो बाप रहेगा!”
और अब ये गाना चंद्रपुर की गलियों से निकलकर राजनीतिक मंचों तक पहुंच गया है।
लोग कहते सुने जा रहे हैं —
“राजनीति में कई आए, कई गए, पर मुनगंटीवार का नाम आज भी सबसे आगे है…
क्योंकि बाप तो बाप रहेगा!”
मुनगंटीवार का राजनीतिक सफर वैसे भी संघर्ष और पहचान का मिला-जुला अध्याय रहा है।
कभी महाराष्ट्र सरकार के वित्त मंत्री के रूप में अपनी कार्यशैली से उन्होंने सबका ध्यान खींचा था,
और अब एक बार फिर लगता है कि “दिल्ली दरबार” की नजरें उन्हीं पर टिकी हैं।
चंद्रपुर की जनता भी अब उम्मीद लगाए बैठी है कि
उनके क्षेत्र का नेता एक बार फिर बड़ी जिम्मेदारी लेकर लौटेगा।
राजनीति में भले ही आज हवा किसी और दिशा में बह रही हो,
लेकिन चंद्रपुर में कहा जा रहा है —
“हवा का रुख बदलता है, और पासा भी पलटता है…
अब बारी मुनगंटीवार की है!”
तो आने वाले कुछ दिनों में राजनीतिक घटनाक्रमों पर सबकी नजर रहेगी —
क्योंकि अगर ये खबर सही साबित हुई,
तो चंद्रपुर से उठी ये लहर महाराष्ट्र की सियासत में नया तूफान ला सकती है।


