क्रिकेट में ‘पॉलिटिकल इंजेक्शन’! आहत हुए कई पाकिस्तानी नेता, ख्वाजा आसिफ को तो आ गई ऑपरेशन सिंदूर की याद
रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम रिड पब्लिक न्यूज 24 भारत मिडिया नेटवर्क
दिनांक:- 16 सितंबर
पाकिस्तान के खिलाड़ी से लेकर नेता तक दुखी हैं कि एशिया कप में जीत के बाद भारत के खिलाड़ियों ने पाकिस्तान क्रिकेटरों से हाथ क्यों नहीं मिलाया. अब पाकिस्तान को ‘खेल भावना’ याद आ रही है. कुछ पाकिस्तानी नेता मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर को याद कर रहे हैं.
पाकिस्तान की क्रिकेट टीम को भारतीयों से हाथ न मिला पाने का भयंकर मलाल है. पाकिस्तानी खिलाड़ी और वहां की टीम मैनेजमेंट एशिया कप में इंडियन क्रिकेटर से हाथ न मिला पाने पर ऐसे दुखी हो रहे हैं जैसे इनके दिल में भारत के लिए न जाने कितनी संवेदना भरी हुई थी. इस विवाद में पहले तो वहां पूर्व, खिलाड़ी और मैनेजर बयान दे रहे थे, लेकिन अब पाकिस्तान की सियासी बिरादरी भी इन बयानबाजियों में कूद पड़ी है.
लंबी-लंबी हांकने वाले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की पीड़ा इस मसले पर देखने लायक है. ख्वाजा आसिफ का कहना है कि भारत के खिलाडियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने हाथ न मिलाकर ‘क्रिकेट को इस स्तर तक गिरा दिया है’.
एशिया कप में पाकिस्तान की हार को खेल भावना न लेते हुए ख्वाजा आसिफ इसमें मई में भारत-पाकिस्तान के बीच की लड़ाई को खींच लाए और इस बहाने पाकिस्तान की हार की भड़ास भारत पर निकाली.ख्वाजा आसिफ ने कहा, “हाल के संघर्ष में भारत को जो क्षति हुई है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जो अपमान सहना पड़ा है, उसकी भरपाई ऐसे घटिया और तुच्छ प्रयासों से नहीं की जा सकती.”
ख्वाजा आसिफ ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की बुरी हार का झूठ छिपाते हुए फिर से डींग हांकी. उन्होंने कहा भारतीय विमानों गिराने का झूठा दावा किया और कहा कि इस तरह के ‘सस्ते नाटकों’ से चीजें ठीक नहीं होंगी
पाकिस्तान का बयान
हाथ मिलाइए. मैंने मैच से पहले भी कहा था. हाथ मिलाइए; इसमें कोई दिक्कत नहीं है. यह क्रिकेट का खेल है. अपनी विनम्रता दिखाइए.
– शोएब अख्तर, पूर्व गेंदबाज
भारत का जवाब
हमने No handshake का फैसला लिया क्योंकि हम यहां सिर्फ क्रिकेट खेलने आए हम BCCI और सरकार के साथ एकजुट हैं, कुछ बातें खेल भावना से ऊपर होती हैं.
– सूर्यकुमार यादव, कप्तान, टीम इंडिया