Sunday, June 14, 2026
HomeBreaking newsगणेश चतुर्थी 2025: गणेश महोत्सव आज से शुरू, जानें गणपति स्थापना का...

गणेश चतुर्थी 2025: गणेश महोत्सव आज से शुरू, जानें गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम रिड पब्लिक न्यूज 24 भारत मिडिया नेटवर्क

गणेश चतुर्थी 2025: गणेश महोत्सव आज से शुरू, जानें गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि

रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम रिड पब्लिक न्यूज 24 भारत मिडिया नेटवर्क

दिनांक:- 27 अगस्त 2025
गणेश चतुर्थी 2025: गणेश चतुर्थी का शुभ पर्व आरंभ हो गया है. 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन इस महापर्व का समापन होगा इस अवसर पर घरों और मंदिरों में भगवान ग की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित की जाती है. मान्यता है कि इस दिन मिट्टी से बनी गणेश मूर्ति की पूजा करना अत्यंत मंगलकारी और कल्याणकारी होता है.
गणेश चतुर्थी 2025: आज से गणेश
महोत्सव का शुभारंभ हो रहा है. इस वर्ष यह पर्व 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी से लेकर 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी तक मनाया जाएगा. गणेश चतुर्थी के दिन घरों और मंदिरों में भगवान गणेश की मिट्टी की प्रतिमा स्थापित की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस 10 दिवसीय महोत्सव में मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा की पूजा करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है. आइए जानते हैं कि गणेश स्थापना का शुभ मुहूर्त व रहने वाला है और इसकी स्थापना की सही विधि क्या है.
भगवान गणेश की स्थापना और पूजा का मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल
पक्ष की चतुर्थी तिथि 26 अगस्त 2025 को दोपहर 1:53 बजे से लेकर 27 अगस्त को दोपहर 3:43 बजे तक रहेगी. उदिया तिथि के आधार पर गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त यानी आज मनाया जाएगा. इस दौरान गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त 27 अगस्त को सुबह 11 बजकर 01 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक रहने वाला है. इसके बाद, दूसरा शुभ मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 39 मिनट से लेकर शाम 06 बजकर 05 मिनट तक रहेगा. गणपति की पूजा का मुहूर्त 11 बजकर 05 मिनट से लेकर दोपहर में 1 बजकर 40 मिनट तक है.
सबसे पहले घर के पूजा स्थान को अच्छे से साफ करें और उसे फूल, रंगोली व सजावटी वस्तुओं से सुंदर बनाएं. शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की प्रतिमा को एक वेदी (चौकी) पर स्थापित करें. वेदी पर लाल या पीले वस्त्र बिछाएं. पूजा शुरू करने से पहले हाथ में जल, अक्षत (चावल) और फूल लेकर व्रत व पूजा का संकल्प करें. ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का जाप करते हुए गणपति बाप्पा का आह्वान करें. भगवान की प्रतिमा को पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) से स्नान कराएं. इसके बाद उन्हें नए वस्त्र, पुष्प और आभूषण पहनाएं. गणेश जी को उनका प्रिय भोग मोदक और लड्डू चढ़ाएं. साथ ही दूर्वा घास,

संपादक

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular