चिचपल्ली (चंद्रपुर): नरभक्षी बाघ ‘मामा’ ने ली एक और जान, गांव में दहशत का माहौल
रिपोर्टर:- नरसिंग बोल्लम आर पब्लिक न्यूज भारत मिडिया नेटवर्क
1 मई 2025 की रात चंद्रपुर जिले के चिचपल्ली ग्राम के अंतर्गत पिंपळखुठ में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। दिवाकर बाबूराव जुमनाके (27 वर्ष) अपने खेत में परिवार के साथ पूजा कर रहे थे, तभी कुख्यात नरभक्षी बाघ ‘मामा’ ने अचानक हमला कर दिया और दिवाकर को सबके सामने उठाकर जंगल की ओर ले गया।
घटना के बाद ग्रामीणों ने शोर मचाया और बाघ को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। कुछ समय बाद दिवाकर का क्षत-विक्षत शव पास ही के एक नाले के पास मिला। इस दर्दनाक दृश्य को देख गांव में शोक और आक्रोश फैल गया।सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और शव को पोस्टमार्टम के लिए चंद्रपुर सरकारी अस्पताल भेजा गया।
ग्रामीणों की मांगें हैं कि दिवाकर के परिजनों को शीघ्र और पर्याप्त मुआवजा दिया जाए।नरभक्षी बाघ ‘मामा’ को तत्काल पकड़कर अन्यत्र ले जाया जाए।वन विभाग गांव की सुरक्षा के लिए ठोस और स्थायी इंतजाम करे।पूर्व सरपंच विनोद मेश्राम और इमरान पठान श्रीकृष्णा जमुनाके ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
वन्यजीवों और इंसानों के बीच संघर्ष लगातार बढ़ रहा है और प्रशासन की निष्क्रियता इसके लिए जिम्मेदार है।