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200 यूनिट मुफ्त बिजली के लिए आंदोलन करने वाले अब जोरगेवार की तारीफ कर रहे हैं – भाजपा की नैतिकता पर सवाल!”

200 यूनिट मुफ्त बिजली के लिए आंदोलन करने वाले अब जोरगेवार की तारीफ कर रहे हैं – भाजपा की नैतिकता पर सवाल!”
चंद्रपुर/महाराष्ट्र 

दि . १४ नवंबर 2024

रिपोर्टर :- रमाकांत यादव रीड पब्लिक न्यूज नेटवर्क


पूरी खबर:-
भारतीय जनता पार्टी ने एक समय जो कड़ी आलोचना की थी और 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना को लेकर “मतदाताओं को धोखा देने वाले” के रूप में आरोप लगाए थे, वही विधायक किशोर जोरगेवार आज भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में हैं। खास बात यह है कि जो भाजपा कार्यकर्ता पहले जोरगेवार के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे, वे अब उनके प्रचार में जुटे हुए हैं और जोरशोर से उनकी तारीफ कर रहे हैं। इस बदलते परिदृश्य ने चंद्रपूर जिले के नागरिकों में गुस्से और भ्रम की भावना पैदा की है, साथ ही भाजपा की राजनीतिक नीतियों के प्रति भी सवाल उठने लगे हैं।

2019 में, जोरगेवार ने जनता से 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था, लेकिन इस योजना को लागू करने में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिससे यह योजना सिर्फ वोट पाने का एक तरीका साबित हुई, ऐसा विपक्ष का आरोप था। उस समय भाजपा ने जोरगेवार के खिलाफ घंटानाद आंदोलन किया था और “200 यूनिट के वादे का क्या हुआ?” जैसे सवाल उठाए थे। अब वही भाजपा नेता जोरगेवार के प्रचार में जुटे हैं, जिससे यह विरोधाभास और अधिक स्पष्ट हो गया है।
यह स्थिति भाजपा की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाती है कि क्या पार्टी सिर्फ चुनावी लाभ के लिए अपनी नीतियों को बदलने में हिचकिचाती भी नही है? भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा जोरगेवार के खिलाफ किए गए आंदोलनों और जनता की भावनाओं को भड़काने का उद्देश्य क्या सिर्फ राजनीतिक स्वार्थ था? यह सवाल अब मतदाताओं के बीच उठ रहे हैं।
राजनीतिक दलों का जनभावनाओं के साथ खेल करना नया नहीं है, लेकिन जोरगेवार के मामले में भाजपा का रुख बदलना काफी हैरान करने वाला है। पहले पार्टी ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली के वादे को पूरा न करने के लिए जोरगेवार पर हमला किया था, और अब वही भाजपा नेता जोरगेवार की तारीफ कर रहे हैं, जो पार्टी की दोहरी नीति का उदाहरण बन गया है।
इस बदलाव के कारण भाजपा के प्रति चंद्रपूर के मतदाताओं में नाराजगी बढ़ी है। वे यह सवाल कर रहे हैं कि क्या भाजपा सिर्फ चुनावी फायदे के लिए जनता के मुद्दों का इस्तेमाल करती है या सचमुच उनके हक में काम करती है?
भाजपा द्वारा 200 यूनिट मुफ्त बिजली के मुद्दे पर जनभावनाओं को भड़काने के बाद अब वही नेता जोर-शोर से प्रचार कर रहे हैं? जिससे जनता में भ्रम और पार्टी की नैतिकता पर सवाल उठ रहे हैं? यह दर्शाता है कि भाजपा ने अपनी राजनीतिक स्वार्थ के लिए जनता की भावनाओं का इस्तेमाल किया और फिर उन्हें भूलने की कोशिश की है, जिससे पार्टी की नैतिकता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो गए हैं।

संपादक

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