दुनिया में बढ़ रही शतायु आबादी: जापान शीर्ष पर, भारत चौथे स्थान पर
वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू (World Population Review – WPR) की ताज़ा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दुनिया तेजी से वृद्ध समाज की ओर बढ़ रही है। 100 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों—यानी शतकवीरों—की वैश्विक संख्या लगातार बढ़ रही है। लंबी उम्र, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ और उन्नत जीवनशैली इस वृद्धि के मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 100 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की सबसे अधिक संख्या जापान में है। जापान में कुल 1,23,330 शतायु नागरिक हैं, जिससे वह विश्व सूची में पहले स्थान पर बना हुआ है।
अमेरिका 73,629, चीन 48,566, जबकि भारत 37,988 शतायु नागरिकों के साथ चौथे स्थान पर है। पाँचवें स्थान पर फ्रांस है, जहाँ 33,220 लोग 100 वर्ष की आयु पार कर चुके हैं।
विशेष रूप से भारत में बुजुर्ग आबादी की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। वर्ल्ड पॉपुलेशन रिव्यू के आँकड़ों के अनुसार, देश में 37,988 लोग शतायु जीवन जी रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, बीते वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण, स्वच्छता और टीकाकरण के क्षेत्र में हुई प्रगति ने जीवन प्रत्याशा को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाया है।
ग्लोबल स्तर पर भी जीवन प्रत्याशा में वृद्धि, बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएँ, कम हुई शिशु मृत्यु दर और स्वच्छता में सुधार जैसे कारकों ने शतायु आबादी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
रिपोर्ट इस दिशा की ओर इशारा करती है कि विश्व अब ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है, जहाँ लंबी आयु एक सामान्य सामाजिक प्रवृत्ति बनती जा रही है और आने वाले वर्षों में शतायु नागरिकों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।


