फुल एंड फाइनल सेटलमेंट अधिकतम 2 दिन में अनिवार्य
कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नए लेबर लॉ लागू होने के बाद अब किसी भी कर्मचारी की नौकरी छोड़ने या निकाले जाने की स्थिति में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट अधिकतम 2 दिन में अनिवार्य कर दिया गया है। पहले जहां कंपनियां सेटलमेंट में सप्ताहों या महीनों का समय लेती थीं, वहीं अब नए प्रावधानों के तहत इतनी देरी करना कानून के खिलाफ माना जाएगा।
नई व्यवस्था के अनुसार, कर्मचारी के वेतन, अवकाश नकदीकरण, ग्रेच्युटी और अन्य देयकों का निपटारा तय समय सीमा में करना नियोक्ता की जिम्मेदारी होगी। श्रम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह नियम कर्मचारियों के वित्तीय हितों की सुरक्षा और तत्काल राहत सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नए लेबर कोड से पारदर्शिता बढ़ेगी और निजी व सरकारी दोनों सेक्टरों में कर्मचारियों का विश्वास मजबूत होगा। वहीं, कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए यह बदलाव एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


