Sunday, June 14, 2026
HomeBreaking newsनए Marburg virus disease की दस्तक—‘हाहाकार’, नाक-से खून, 500 से ज्यादा मौतें,...

नए Marburg virus disease की दस्तक—‘हाहाकार’, नाक-से खून, 500 से ज्यादा मौतें, लक्षणों को इग्नोर न करें

 

नए Marburg virus disease की दस्तक—‘हाहाकार’, नाक-से खून, 500 से ज्यादा मौतें, लक्षणों को इग्नोर न करें

बड़ी-चिंताजनक खबर है कि दुनिया के कुछ हिस्सों में जानलेवा Marburg वायरस नामक रोग की पुनरावृत्ति दर्ज की गई है। इस घातक बुखार-रोग से सम्बन्धित जानकारी हर व्यक्ति के लिए जानना बेहद आवश्यक है क्योंकि समय पर सावधानी और जागरूकता बीमारी को फैलने से रोक सकती है।

क्या है Marburg वायरस?

Marburg वायरस (जिससे Marburg virus disease — MVD होती है) एक दुर्लभ लेकिन बेहद गंभीर वायरल हीमरेजिक बुखार (viral haemorrhagic fever) है।
यह रोग मानव और कुछ प्राइमेट्स (मानव-सदृश प्राणी) को प्रभावित कर सकता है।
यह वायरस फाइलबोवायरस (Filoviridae) परिवार में आता है, जिसमें Ebola virus disease जैसे अन्य रोग भी शामिल हैं।

कैसे फैलता है?

  • प्राकृतिक स्रोत में यह वायरस फल-चूहे (fruit bats) में पाया गया है, विशेष रूप से ‘एजिप्शियन फ्रूट बैट’ (Egyptian fruit bat) सम्भवत एक स्रोत है।
  • इसके बाद यह मानव से मानव में फैल सकता है, लेकिन मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के रक्त, पसीने, थूक, पेशाब, मल, वॉमिट आदि द्रवों या उनके द्वारा छूए गए वस्तुओं के माध्यम से होता है।
  • यह हवादार (एयरोसॉल) द्वारा सामान्य रूप से नहीं फैलता — अर्थात् खांसने-छींकने से कोरोना की तरह नहीं फैला।

लक्षण और चेतावनियाँ

मर्जबर्ग बीमारी की शुरुआत सामान्य ग्रिप-जैसे लक्षणों से होती है, और जल्दी ही स्थिति गंभीर हो सकती है:

  • इनक्यूबेशन अवधि अर्थात् संक्रमित होने से लक्षण दिखने तक का समय 2 से 21 दिन तक हो सकता है।
  • शुरुआत में बुखार, तेज सिरदर्द, कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना आदि लक्षण होते हैं।
  • अगले चरण में उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, गले में खराश, सूखी त्वचा, चकत्ता (रैश) आदि हो सकते हैं।
  • गंभीर मामलों में रक्तस्राव (खून-बहना) — नाक, मसूड़ों, आँखों से, मल-पेशाब में खून, त्वचा पर नीले–बैंगनी दाग-धब्बे — और अंगों की विफलता जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
  • मृत्यु का जोखिम बहुत अधिक है — पिछले प्रकोपों में मृत्यु-दर 24 % से लेकर 88 % तक पाई गई है।

चेतावनी संकेत: यदि आपको अचानक बुखार हो, विशेषकर अगर आपने कुछ दिन पहले बदल-स्थान यात्रा की हो या जंगल/गुफा आदि गए हों, और इसके बाद उल्टी-दस्त-मांसपेशियों में दर्द-खून की थाह दिखें — तो इसे अनदेखा न करें।

इलाज और रोकथाम

  • वर्तमान में इस वायरस के लिए कोई प्रमाणित टीका या विशेष एंटीवायरल उपचार नहीं है। सिर्फ समर्थक चिकित्सा (supportive care) दी जाती है — जैसे निर्जलीकरण का इलाज, ऑक्सीजन सहायता, रक्त-स्राव का नियंत्रण।
  • रोकथाम के उपायों में शामिल हैं: संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाना, संक्रमित द्रवों एवं उपयोगी वस्तुओं (बिस्तर, कपड़े, जैव-अपशिष्ट) को सुरक्षित तरीके से संभालना, चिकित्सा-कर्मियों द्वारा पूर्ण सुरक्षा किट का उपयोग।
  • यदि किसी क्षेत्र में मर्जबर्ग प्रकोप की पुष्टि हो — तो संपर्क में आए लोगों की निगरानी, उन्होंने जहाँ-जहाँ गए हों वहाँ की सफाई, सीमित यात्राएं और सूचना-शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण हैं।

क्यों अभी सतर्क रहने की जरूरत है?

  • पिछले वर्षों में अफ्रीका के विभिन्न देशों में मर्जबर्ग प्रकोप दर्ज हुए हैं — जैसे Rwanda, Tanzania, Ghana आदि।
  • भारत सहित अन्य एशियाई देश भी इस वायरस-प्रकोप की जटिलता को देखते हुए सतर्कता बढ़ा रहे हैं।
  • आपका समय पर सावधान होना, लक्षणों को पहचानना, तथा चिकित्सकीय सहायता तुरंत लेना बीमारी के फैलने और जान-हानी को रोक सकता है।

 

संपादक

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular