ग्वालियर का राजघराना फिर सुर्खियों में — महारानी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया का 4,500 करोड़ का शाही निवास चर्चा में
ग्वालियर। भारत की सबसे भव्य और प्रतिष्ठित राजवंशीय विरासतों में से एक ग्वालियर का राजघराना एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। महारानी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया जय विलास पैलेस में निवास करती हैं, जिसे भारत के सबसे विलासी शाही निवासों में गिना जाता है। लगभग 4,500 करोड़ रुपये मूल्य वाले इस महल का विस्तार 12.4 लाख वर्ग फुट में फैला है और इसमें कुल 400 कमरे हैं। इसकी वास्तुकला टस्कन, इटैलियन-डोरिक और कोरिंथियन शैली के अनूठे संयोजन के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है।
जय विलास पैलेस का दरबार हॉल महल की शान का केंद्र माना जाता है। यह 560 किलोग्राम सोने की परतों से सुसज्जित है और यहां 3,500 किलोग्राम वजन वाले दो विशाल क्रिस्टल झूमर लगे हैं। कहा जाता है कि इन झूमरों की क्षमता की जांच के लिए अतीत में छत पर 8 से 10 हाथियों को खड़ा कर मजबूती परखी गई थी। महल के बैंक्वेट हॉल में लगी एक चांदी की मिनिएचर ट्रेन भी अद्वितीय है, जो कभी मेहमानों को पेय और सिगार परोसती थी।
महल का संग्रहालय भारतीय राजसी इतिहास और संस्कृति का दुर्लभ खजाना संजोए हुए है। इसमें चांदी के रथ, पालकियां, ऐतिहासिक हथियार, पुरानी कारों का संग्रह, क्रिस्टल फाउंटेन प्रांगण, राजकुमारियों के लिए इनडोर स्विमिंग पूल और 5,000 से अधिक दुर्लभ पुस्तकों एवं वस्त्रों वाला पुस्तकालय-कला दीर्घा शामिल है।
शाही भव्यता के बीच ध्यान देने वाली बात यह भी है कि महारानी प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया सादगी और विनम्रता के लिए जानी जाती हैं। महल की ऐश्वर्यता के बावजूद उनका जीवन सरल और मूल्यों पर आधारित माना जाता है, जो यह संदेश देता है कि वास्तविक राजसीता केवल धन-संपदा में नहीं, बल्कि आचरण और व्यवहार में होती है।


