खेत बेचकर बेटे को डॉक्टर बनाने भेजा, सपना अधूरा रह गया
राजस्थान के अलवर जिले के कफनवाड़ा गांव में रहने वाले किसान परिवार की हिम्मत और आशाओं की कहानी अब त्रासदी में बदल गई है। उन्होंने अपने बेटे अजीत चौधरी को डॉक्टर बनाने का सपना पूरा करने के लिए 3 बीघा जमीन बेच दी थी, ताकि वह रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कर सके।
लेकिन, उनकी उम्मीदों का दाम बहुत भारी पड़ा — अजीत रूस में 19 दिन तक लापता रहा और अंततः उसका शव यूनिवर्सिटी के पास एक बांध में मिला।
दुखी परिवार ने बताया है कि बेटा उनकी बड़ी उम्मीद थी — “डॉक्टर बनकर हमें गौरवान्वित करना चाहता था” — और उन्होंने सबकुछ कुर्बान कर दिया था। अब उनकी दुनिया टूट चुकी है, और उनका दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
हम यह मांग करते हैं कि:
- अजीत की मृत्यु की पूरी, पारदर्शी जांच हो, और उनकी वापसी व दफनाना सुरक्षित तरीके से सुनिश्चित किया जाए।
- विदेश मंत्रालय, दोनों देशों की यूनिवर्सिटी और संबंधित एजेंसियाँ मिलकर छात्रों की विदेश में सुरक्षा और कल्याण नीति को दोबारा रिव्यू करें।
- ऐसी परिवारों को आर्थिक-सहायता दी जाए जिन्हें विदेश में पढ़ाई के नाम पर जान-माल का भय है।
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किसान माता-पिता की उम्मीदों और युवाओं के सपनों की आवाज़


