– आप अधिकार अभियान का लाभ उठाएँ। प्रभारी ज़िला कलेक्टर डॉ. नितिन व्यवहारे की अपील। अप्राप्त राशि के लिए अपने बैंक से संपर्क करें।
रिपोर्टर:- नरसिंग बी बोल्लम रिडपब्लिकन्यूज.इन
चंद्रपुर, दिनांक 24- भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग के अंतर्गत विशेष अभियान “आपला पैसा – आपला अधिकार” का शुभारंभ चंद्रपुर जिले के प्रभारी जिला कलेक्टर डॉ. नितिन व्यवहारे ने जिला कलेक्टर कार्यालय के नियाज भवन सभागार में किया। इस अभियान का उद्देश्य वित्तीय क्षेत्र में दावा न की गई जमा राशि और परिसंपत्तियों का कुशल और त्वरित वितरण सुनिश्चित करना है और यह अभियान 1 अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक चलाया जाएगा।
इस अवसर पर भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक प्रबंधक महेश थुल, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक आशीष पोरकुटे, बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक गौरव विश्वकर्मा, भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक शेखर बारापात्रे, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के मुख्य प्रबंधक प्रशांत सांगवी के साथ ही जिले के सभी बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के जिला स्तरीय समन्वयक, अधिकारी और दावेदार बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
प्रभारी जिला कलेक्टर डॉ. व्यावरे ने कहा कि यह अभियान केंद्र सरकार की एक अत्यंत जनहितकारी और जनभागीदारी वाली अवधारणा है। नागरिकों के करोड़ों रुपये निष्क्रिय खातों में पड़े हैं। कई सरकारी संस्थाओं के खाते भी इसी रूप में हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि सभी नागरिक, संस्थाएँ और उत्तराधिकारी अपने बैंकों से संपर्क करके अपनी अप्राप्त राशि वापस प्राप्त करें।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले 10 वर्षों से कोई लेन-देन नहीं हुआ है।
भारतीय रिज़र्व बैंक के निर्देशों के अनुसार, बैंक खाते निष्क्रिय हो जाते हैं और उनमें जमा धनराशि को फ्रीज कर दिया जाता है। अगर इस धनराशि का दावा नहीं किया जाता है, तो यह बैंकों के पास ही रहती है। ऐसे में, नागरिकों के लिए “आपला पैसा आप अधिकार” अभियान के तहत अपने हक़ का पैसा पाने का यह एक सुनहरा अवसर है।
डॉ. व्यावरे ने सभी बैंकों को निर्देश दिया कि वे ग्राहकों से सीधे संपर्क करें और जानकारी उपलब्ध कराएँ। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राहक अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अपडेट रखें ताकि भविष्य में बैंक उनसे आसानी से संपर्क कर सकें और निष्क्रिय खातों की संख्या कम हो सके।
मार्गदर्शन देते हुए जिला अग्रणी बैंक के प्रबंधक आशीष पोरकुटे ने कहा, “यदि ग्राहक दो साल तक कोई लेनदेन नहीं करता है, तो खाता निष्क्रिय हो जाता है, और यदि दस साल तक कोई लेनदेन नहीं होता है, तो खाते को ‘अदावाकृत’ के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। इसलिए, प्रत्येक खाताधारक के लिए समय-समय पर उनमें लेनदेन करके अपने सभी खातों को सक्रिय रखना आवश्यक है।”
चंद्रपुर जिले के आंकड़ों के अनुसार, कुल 3 लाख 76 हज़ार 242 निष्क्रिय खातों में लगभग 88 करोड़ रुपये की राशि बिना दावे के पड़ी है। इसमें व्यक्तिगत, संस्थागत और सरकारी संस्थाओं के खाते शामिल हैं।
इस अभियान के तहत प्रत्येक बैंक शाखा में विशेष बूथ स्थापित किए गए हैं तथा सभी बैंक प्रबंधकों ने संबंधित दावेदारों या उनके उत्तराधिकारियों से अपील की है कि वे अपना पैसा वापस पाने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित बैंक से संपर्क करें।
कार्यक्रम के अंत में प्रभारी जिला कलेक्टर डॉ. नितिन व्यवहारे ने कुछ पात्र दावेदारों को दावा स्वीकृति प्रदान की।
अभियान का शुभारंभ पत्र वितरण के साथ किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला अग्रणी बैंक अधिकारी प्रतीक गोंडाने ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक गौरव विश्वकर्मा ने किया