भगवान श्री राम के उच्च जीवन मूल्यों का बोध कराता है गीता रामायण!
रिपोर्टर:- नरसिंग बोल्लम रीड पब्लिक न्यूज भारत मिडिया नेटवर्क
आज पुणे में श्री राम नवमी के अवसर पर आयोजित ‘सखी गीता रामायण एवं राम सीता स्वयंवर’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस की प्रमुख उपस्थिति रही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री फड़णवीस ने उपस्थित सभी राम भक्तों को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने श्री राम नवमी की पूर्व संध्या पर सखी गीत रामायण कार्यक्रम में श्री राम और माता सीता का स्वयंवर देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। सी। डी। मडगुलकर और संगीतकार सुधीर फड़के उर्फ बाबूजी ने 7 दशक पहले गीत रामायण की शुरुआत की और गीत रामायण अजरामर बन गया। इसके साथ ही सी. डी। मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने इस बात पर जोर दिया कि गीत रामायण में मडगुलकर की तुलना आधुनिक वाल्मिकी से की गई है और बाबूजी ने इसके सभी दृश्यों में जीवंतता लाने के लिए माहौल तैयार किया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा कि गीत रामायण के माध्यम से हमें जीवन के सभी प्रकार के रसों, सभी संवेदनाओं का अनुभव होता है। प्रभु श्रीराम ने रावण को दैवीय शक्ति से नहीं, बल्कि समाज के सामान्य लोगों को एकजुट कर, उनके पौरुष को जागृत करके हराया था। इसके माध्यम से भगवान श्रीराम ने यह सिद्ध कर दिया कि आसुरी शक्ति को नष्ट करने के लिए सत्य की आवश्यकता नहीं है
इसलिए मुख्यमंत्री फड़णवीस ने कहा कि वह भगवान श्री राम को युग पुरुष कह रहे हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने कहा कि गीत रामायण की रचना भगवान श्री राम द्वारा हमें दिए गए उच्च जीवन मूल्यों को साकार करने के लिए की गई थी। इस मौके पर उन्होंने सखी गीतरामायण प्रस्तुत करने वाले सभी कलाकारों को इस खूबसूरत प्रस्तुति के लिए बधाई दी और यह अनुभव देने के लिए कलाकारों और आयोजकों को धन्यवाद दिया.
इस समय भोजन करें. डॉ. मेधा कुलकर्णी, श्री भीमराव तपकिर एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


