Tuesday, September 15, 2026
HomeBreaking newsकछुए के नाम पर अंधविश्वास का खेल उजागर, छह आरोपी गिरफ्तार

कछुए के नाम पर अंधविश्वास का खेल उजागर, छह आरोपी गिरफ्तार

कछुए के नाम पर अंधविश्वास का खेल उजागर, छह आरोपी गिरफ्तार

चंद्रपुर महाराष्ट्र 

रिपोर्टर:- रमाकांत यादव रिड पब्लिक न्यूज़ भारत 

दिनांक:- ०२ मई २०२६

पूरी खबर:-सावली क्षेत्र में वन विभाग ने एक ऐसी घटना का पर्दाफाश किया है, जो सिर्फ वन्यजीव अपराध ही नहीं बल्कि लोगों की आस्था के साथ खुला खिलवाड़ भी है। सिरसी क्षेत्र के चिचडोह परिसर में कछुए का इस्तेमाल कथित “काला जादू” और तंत्र-मंत्र के नाम पर किया जा रहा था। इस मामले में वन विभाग ने छह आरोपियों को रंगेहाथ पकड़कर उनके पास से दो कछुए और तीन मोटरसाइकिल जब्त की हैं।
वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग कछुओं की अवैध तस्करी कर उन्हें अंधविश्वास और तंत्र क्रियाओं में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर आरोपियों को उस समय पकड़ लिया जब वे कथित क्रिया करके लौट रहे थे। सभी आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से चार दिन की वन हिरासत मिली है।
कछुआ एक महत्वपूर्ण वन्यजीव है, जो पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन काला जादू, धन प्राप्ति और “चमत्कार” के नाम पर इसकी तस्करी लगातार बढ़ रही है, जिससे इस प्रजाति पर खतरा मंडरा रहा है।

इस पूरे मामले ने एक बड़ी सच्चाई उजागर की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। कुछ लोग झूठे दावे करते हैं कि कछुए या अन्य जीवों के जरिए पैसा बरसाया जा सकता है या किस्मत बदली जा सकती है, और इसी बहाने भोले-भाले लोगों से मोटी रकम ऐंठी जाती है।

महत्वपूर्ण बातें जो हर व्यक्ति को समझनी चाहिए:

अंधविश्वास के नाम पर किसी भी प्रकार की “चमत्कारी” बातों पर आंख बंद करके भरोसा न करें
कछुए या अन्य वन्यजीवों का खरीदना, बेचना या उपयोग करना कानूनन अपराध है
तंत्र-मंत्र और काला जादू के नाम पर पैसे मांगने वाले अधिकतर लोग धोखेबाज होते हैं
ऐसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत वन विभाग या पुलिस को दें
गांव-गांव में इस तरह की तस्करी और ठगी का नेटवर्क सक्रिय है, सतर्क रहना जरूरी है
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी वन्यजीवों की तस्करी या अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधि दिखे, तो तुरंत सूचना दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उचित इनाम भी दिया जाएगा।
यह सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने का संदेश है कि अंधविश्वास के जाल में फंसकर न खुद नुकसान उठाएं और न ही प्रकृति को नुकसान पहुंचने दें।

संपादक

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular