चंद्रपुर भाजपा में अंदरूनी जंग तेज, पहली विकेट गिरी, आगे और बड़े नाम गिरने के संकेत
चंद्रपुर महाराष्ट्र
रिपोर्टर:- रमाकांत यादव रिड पब्लिक न्यूज़ भारत
दिनांक:-३१ दिसंबर २०२५
पूरी खबर:-चंद्रपुर में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व महानगर अध्यक्ष सुभाष कासनगोटूवार को तात्कालिक रूप से निष्कासित किए जाने के बाद जिले की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस कार्रवाई को चंद्रपुर भाजपा की पहली बड़ी विकेट गिरने के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है।
सूत्रों के अनुसार पार्टी विरोधी गतिविधियां, अनुशासनहीनता और आपसी खींचतान इस कार्रवाई की मुख्य वजह बनी। अचानक हुए इस फैसले से भाजपा के भीतर दबा असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। कार्यकर्ताओं में जहां भ्रम और नाराजगी है, वहीं विरोधी दलों को भाजपा पर सीधा हमला बोलने का मौका मिल गया है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चंद्रपुर भाजपा में चल रही यह अंदरूनी लड़ाई आने वाले समय में और भी भारी पड़ने वाली है। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है और संगठन के भीतर कई गुट आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं। चर्चा है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े नामों पर गाज गिर सकती है।
इस पूरी सियासी खींचतान का सीधा फायदा कांग्रेस को मिलता दिख रहा है। जिस तरह हाल ही में नगर परिषद में राजनीतिक समीकरण बदले, उसी तर्ज पर अब महानगरपालिका चुनाव में भी भाजपा की अंदरूनी लड़ाई कांग्रेस के लिए संजीवनी साबित हो सकती है। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि सुधीर मुनगंटीवार और किशोर जोरगेवार से जुड़ी खेमेबंदी इस टकराव को और हवा दे रही है।
भाजपा नेतृत्व इसे संगठन में अनुशासन कायम करने की कार्रवाई बता रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि चंद्रपुर भाजपा इस वक्त गंभीर अंदरूनी संकट से गुजर रही है। पहली विकेट गिर चुकी है, अब देखना यह है कि आगे यह सियासी मैच भाजपा कैसे संभालती है या फिर एक के बाद एक और विकेट गिरती चली जाती है।


