Saturday, June 6, 2026
HomeBreaking newsतहसील परिसर से जब्त ट्रैक्टर चोरी की कोशिश, पुलिस शिकायत तक नहीं...

तहसील परिसर से जब्त ट्रैक्टर चोरी की कोशिश, पुलिस शिकायत तक नहीं प्रशासन की लापरवाही या रेत माफिया को खुली छूट?

तहसील परिसर से जब्त ट्रैक्टर चोरी की कोशिश, पुलिस शिकायत तक नहीं

प्रशासन की लापरवाही या रेत माफिया को खुली छूट?

चंद्रपुर महाराष्ट्र 

रिपोर्टर:- रमाकांत यादव रिड पब्लिक न्यूज़ भारत 

दिनांक:- १५ दिसंबर २०२५

पूरी खबर:-चंद्रपुर गोंडपिपपरी तहसील कार्यालय परिसर से रेत से भरा जब्त ट्रैक्टर चोरी होने की घटना ने पूरे तालुका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी गोंडपिपपरी पुलिस थाने में अब तक चोरी की कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है.

गुरुवार 11 दिसंबर की सुबह तहसील परिसर से जब्त ट्रैक्टर लेकर चालक फरार हो गया. राजस्व विभाग की टीम ने पीछा किया, लेकिन गोंडपिपपरी–धाबा मार्ग पर विहिरगांव के पास चालक का संतुलन बिगड़ा और ट्रैक्टर पलट गया. इसके बाद चालक मौके से फरार हो गया. सवाल यह है कि तहसील कार्यालय जैसे सुरक्षित माने जाने वाले परिसर से जब्त वाहन आखिर कैसे चोरी हो गया.

इस मामले में गोंडपिपपरी पुलिस का कहना है कि ट्रैक्टर टो किए जाने को लेकर राजस्व विभाग की ओर से कोई शिकायत ही दर्ज नहीं कराई गई है. पुलिस की यह स्वीकारोक्ति प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करती है. यदि जब्त सरकारी संपत्ति की चोरी पर भी शिकायत नहीं होती, तो कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जाए.

राजस्व विभाग के अधिकारियों का दावा है कि मामले की जांच चल रही है और संबंधित लोगों को नोटिस देकर नाम रिकॉर्ड में लिया गया है. उन्हें सोमवार को बुलाया गया है. लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी या जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी.

गोंडपिपपरी तालुका में अवैध रेत परिवहन कोई नई बात नहीं है. यह कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है. इसमें रसूखदार लोग, व्यापारी और राजनीतिक संरक्षण से जुड़े नामों की चर्चा आम है. ऐसे में जब्त ट्रैक्टर का तहसील परिसर से ही चोरी हो जाना प्रशासन की साख पर सीधा हमला है.

उपविभागीय अधिकारी के नेतृत्व और तहसीलदार की पहल पर कार्रवाई की बात कही जा रही है, लेकिन जब जब्त वाहन ही सुरक्षित नहीं हैं, तो रेत माफिया के हौसले क्यों न बुलंद हों. यह घटना सिर्फ चोरी की नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की कमजोरी को उजागर करने वाली है.

अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रशासन इस मामले में सिर्फ बयानबाजी करेगा या वास्तव में दोषियों पर ठोस कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी साबित करेगा.

संपादक

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

Most Popular