MMS वायरल करने पर कितनी सजा? BNS की किन धाराओं में होगी कार्रवाई – जरूर जानें
देश में सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो, निजी क्षणों या किसी भी व्यक्ति की सहमति के बिना बनाया/शेयर किया गया MMS वायरल करना अब गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। नया भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 ऐसे मामलों पर कड़ी सजा का प्रावधान करता है।
BNS के अनुसार, किसी महिला या व्यक्ति की निजी तस्वीरें, वीडियो या MMS बनाना, शेयर करना, फॉरवर्ड करना या सोशल मीडिया पर अपलोड करना कानूनी अपराध है, भले ही वीडियो सहमति से रिकॉर्ड किया गया हो – लेकिन उसे वायरल करने की अनुमति न हो।
BNS की प्रमुख धाराएँ जिनमें कार्रवाई होती है
- धारा 73 (Voyeurism/गोपनीयता भंग):
किसी की निजी हरकतों की फोटो या वीडियो बनाना, साझा करना या दिखाना अपराध।
सजा: 3 से 7 साल तक कैद + जुर्माना। - धारा 74 (Stalking/डिजिटल उत्पीड़न):
किसी महिला का पीछा करना, उसके फोटो/वीडियो ऑनलाइन सर्कुलेट करना।
सजा: 3 साल तक कैद + जुर्माना। - धारा 76 (Sexual Harassment/यौन उत्पीड़न):
किसी भी प्रकार की अश्लील सामग्री भेजने या वायरल करने पर।
सजा: 3 से 5 साल तक कैद + जुर्माना। - धारा 67, 67A IT Act (आईटी एक्ट):
इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किसी भी “अश्लील” या “यौन सामग्री” का प्रसारण या वायरल करना।
सजा: पहली बार 3 साल तक कैद + 5 लाख तक जुर्माना।
दूसरी बार 5 साल तक कैद + 10 लाख तक जुर्माना।
कैसे होती है कार्रवाई?
- पीड़ित की शिकायत पर पुलिस तुरंत FIR दर्ज करती है।
- आरोपी का मोबाइल, लैपटॉप, सोशल मीडिया अकाउंट जब्त किए जाते हैं।
- साइबर सेल वायरल वीडियो ट्रेस कर कार्रवाई करता है।
- वीडियो साझा करने वाले सभी लोगों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
क्या करें अगर आपका MMS वायरल हो गया है?
- नजदीकी थाना या साइबर पुलिस स्टेशन में तुरंत शिकायत दर्ज करें।
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो हटाने की रिपोर्ट करें।
- सबूत (स्क्रीनशॉट, लिंक) सुरक्षित रखें।
ऐसे अपराधों में कानून बहुत कठोर है और किसी भी व्यक्ति की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।


