कानपुर में घुसपैठियों की पहचान के लिए अभियान तेज
कानपुर। आतंरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके बांग्लादेश और म्यांमार से आए संदिग्ध घुसपैठियों को चिन्हित करने का अभियान शहर में तेज कर दिया गया है। अब तक 16 बस्तियों में रहने वाले एक हजार से अधिक संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है। इन लोगों के पास झारखंड और पश्चिम बंगाल की पहचान पत्र मिली है।
अधिकारियों के अनुसार, इन सभी की पहचान और दस्तावेजों की पुष्टि उनके संबंधित राज्यों के डीएम से कराई जा रही है। दस्तावेज सत्यापित न होने पर जांच टीम कानपुर से ही स्थानीय जांच भी कर सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद प्रदेश में सभी जिलों में अभियान चलाकर संदिग्ध घुसपैठियों की पहचान और हिरासत की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रत्येक जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि संदिग्धों को हिरासत में रखकर उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया की जा सके।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल शहर के बस्तियों और अन्य मुहल्लों में खुफिया और पुलिस टीमें सतत निगरानी और जांच-पड़ताल कर रही हैं। जिनके दस्तावेज सत्यापित नहीं होंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Read Public News की टिप्पणी:
घुसपैठियों की पहचान और सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य की प्राथमिक जिम्मेदारी है। कानपुर में तेज अभियान सुरक्षा को मज़बूत करने और नागरिकों की सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।


