माओवादी सेंट्रल मिलिट्री कमिशन का पत्र सामने आया — युद्ध जारी रखने की चेतावनी, 320 कमांडरों के मारे जाने का उल्लेख
नई दिल्ली/छत्तीसगढ़ — माओवादियों के सेंट्रल मिलिट्री कमिशन (CMC) का एक नया पत्र सामने आया है, जिसमें नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के खिलाफ “युद्ध जारी रखने” की बात कहते हुए अपनी रणनीति और हालिया नुकसान का जिक्र किया है। पत्र में स्वीकार किया गया है कि पिछले एक वर्ष में पूरे देश में 320 नक्सली कमांडर मारे गए हैं, जबकि नक्सली हमलों में करीब 100 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए हैं।
पत्र में सबसे बड़ा नुकसान छत्तीसगढ़ में दर्ज किया गया है, जहां 243 माओवादी मारे जाने का उल्लेख किया गया है। अपने बड़े नुकसान का खुला उल्लेख करते हुए भी माओवादी नेतृत्व ने पीछे हटने से इनकार किया है और संगठन को मजबूत करते हुए संघर्ष जारी रखने की घोषणा की है।
PLGA सप्ताह मनाने की घोषणा
पत्र में 2 से 8 दिसंबर तक PLGA सप्ताह मनाने की घोषणा की गई है, जिसकी 25वीं वर्षगांठ के चलते इस वर्ष इसे विशेष रूप से मनाने की बात कही गई है। PLGA सप्ताह के दौरान परंपरागत रूप से माओवादी गतिविधियां और हमले बढ़ जाते हैं, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहती हैं।
MC ज़ोन का विरोधाभासी बयान
इसी बीच एमसी जोन के प्रवक्ता अनंत ने अलग बयान जारी करते हुए कहा है कि इस बार वे
— PLGA सप्ताह नहीं मनाएंगे
— और न ही पुलिस या सुरक्षा बलों पर कोई हमला करेंगे
यह बयान केंद्रीय कमेटी के पत्र से भिन्न है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां भी सर्तक हो गई हैं कि PLGA सप्ताह के दौरान वास्तविक स्थिति क्या रहने वाली है।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
पत्र की जानकारी सामने आने के बाद छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा और बिहार सहित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में खुफिया और सुरक्षा बल अलर्ट कर दिए गए हैं। माओवादी गतिविधियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती मजबूत की जा रही है।
बड़ा संकेत
पत्र यह स्पष्ट करता है कि मौजूदा दमन अभियान और आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या के बावजूद माओवादी नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सुरक्षा बलों के लिए आने वाले सप्ताहों में विशेष सतर्कता की चुनौती बनी रहेगी।


