भारत 6000 मीटर गहराई में बनाएगा दुनिया की सबसे गहरी अंडरवाटर लैब, डीप रिसर्च में बड़ी छलांग
भारत एक बार फिर वैज्ञानिक अनुसंधान और समुद्री तकनीक के क्षेत्र में दुनिया को चौंकाने की तैयारी में है। देश में 6000 मीटर की गहराई पर दुनिया की सबसे गहरी अंडरवाटर लैब स्थापित की जाएगी। इसे भारत की डीप ओशन रिसर्च क्षमता को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत 500 मीटर गहराई पर एक डेमो मॉड्यूल से होगी, जिसमें तीन वैज्ञानिक लगातार 24 घंटे से अधिक समय तक रहकर शोधकार्य करेंगे। इस मिशन से समुद्री पारिस्थितिकी, खनिज संसाधन, माइक्रोबियल लाइफ़, आपदा अध्ययन और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नए आयाम खुलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट भारत को डीप-सी साइंस और टेक्नोलॉजी में विश्व अग्रणी देशों की सूची में और मजबूत स्थान दिलाएगा। यह पहल भविष्य में सामुद्रिक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, संसाधन खोज और वैज्ञानिक खोजों के नए अवसर प्रदान करेगी।


