सरदार पटेल महाविद्यालय चंद्रपुर में पीएम ऊषा योजना के तहत सूत्र संचालन की कला पर सर्टिफिकेट कोर्स संपन्न
विनोद कुमार तिवारी चंद्रपुर/ अभियान आज तक
चंद्रपुर, 19 अगस्त 2025: सरदार पटेल महाविद्यालय, चंद्रपुर के हिंदी विभाग द्वारा पीएम ऊषा योजना के अंतर्गत जागरूकता प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत “सूत्र संचालन की कला” विषय पर 28 जुलाई से 2 अगस्त 2025 तक एक सर्टिफिकेट कोर्स का आयोजन किया गया। इस कोर्स में बी.ए., बी.कॉम., बी.एससी., और एम.ए. हिंदी के 25 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और सूत्र संचालन की बारीकियों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया। कार्यक्रम में प्रख्यात वक्ताओं श्री नासिर खान, सुश्री रजनी पाल, सुश्री रिद्धि राउत और सुश्री प्रज्ञा जीवनकर नागापुरे ने अपनी विशेषज्ञता से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत हिंदी विभाग की प्राध्यापिका डॉ. सुनीता बनसोड ने प्रस्तावना के साथ की, जिसमें उन्होंने सूत्र संचालन की कला को व्यक्तित्व विकास और प्रभावी संचार का आधार बताया। उन्होंने कहा, “यह कोर्स विद्यार्थियों को न केवल मंच संचालन की तकनीक सिखाएगा, बल्कि उनके आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल को भी निखारेगा।”
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी. एम. काटकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “सूत्र संचालन जैसी कला आधुनिक समय में करियर और व्यक्तित्व विकास दोनों के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है। इस कोर्स से विद्यार्थियों का न केवल आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे समाज और संस्थान के विभिन्न आयोजनों में सार्थक भूमिका निभा सकेंगे।”
श्री नासिर खान ने अपने सत्र में सूत्र संचालन को एक प्रभावी संचार कला के रूप में परिभाषित किया। उन्होंने कहा, “सूत्र संचालक मंच का सूत्रधार होता है, जो दर्शकों और आयोजन को एक सूत्र में बांधता है। इसके लिए आत्मविश्वास, समय प्रबंधन और दर्शकों के साथ तालमेल जरूरी है।” उन्होंने विद्यार्थियों को मंच पर सहजता और स्पष्टता के साथ प्रस्तुति देने के व्यावहारिक गुर सिखाए।
सुश्री रजनी पाल ने हिंदी भाषा की शुद्धता और उसकी प्रभावशीलता पर जोर देते हुए कहा, “सूत्र संचालन में भाषा का सही प्रयोग और उच्चारण मंच की गरिमा को बढ़ाता है। एक अच्छा संचालक अपनी भाषा से दर्शकों को बांधे रखता है।” उन्होंने औपचारिक और अनौपचारिक आयोजनों के लिए संचालन की विभिन्न शैलियों पर प्रकाश डाला।
सुश्री रिद्धि राउत ने रचनात्मकता को सूत्र संचालन का मूलमंत्र बताया। उन्होंने कहा, “सूत्र संचालक को एक कहानीकार की तरह होना चाहिए, जो हास्य, कविता या रोचक तथ्यों के माध्यम से दर्शकों का ध्यान आकर्षित करे।” उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार और मंच पर जीवंतता लाने की तकनीकें सिखाईं।
सुश्री प्रज्ञा जीवनकर नागापुरे ने आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास पर बल देते हुए कहा, “सूत्र संचालन में मंचीय भय को दूर करने के लिए निरंतर अभ्यास और आत्म-मूल्यांकन आवश्यक है। एक संचालक की आवाज और हाव-भाव दर्शकों पर स्थायी प्रभाव छोड़ते हैं।” उन्होंने मंचीय प्रस्तुति को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।
संस्था के अध्यक्ष श्री नामदेवराव पोरेड्डीवार ने भी इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि “सरदार पटेल महाविद्यालय सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है। सूत्र संचालन पर आधारित यह सर्टिफिकेट कोर्स विद्यार्थियों को व्यावहारिक जीवन में आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा।”
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. शैलेन्द्र कुमार शुक्ल ने आभार प्रदर्शन करते हुए सभी वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजन समिति के सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह कोर्स विद्यार्थियों के लिए एक अनमोल अवसर रहा, जिसने उनके संचार कौशल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।”
आयोजन की सफलता में प्राध्यापिकाओं प्रा. रीता पाठक, प्रा. प्रणिता गडकरी, प्रा. माधुरी कटकोजवार, प्रा. अश्विनी शाकीनाला और शैलजा ठमके का सक्रिय सहयोग उल्लेखनीय रहा। इनके प्रयासों से कार्यक्रम का सुचारू संचालन और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन संभव हुआ।
प्रतिभागी विद्यार्थियों ने इस कोर्स को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें मंच संचालन की तकनीकों के साथ-साथ आत्मविश्वास और नेतृत्व कौशल में भी वृद्धि हुई। समापन समारोह में सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
यह कोर्स पीएम ऊषा योजना के तहत शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे भविष्य में भी जारी रखने की मांग की।