चंद्रपुर बल्लारपुर में अवैध रेत तस्करी का गोरखधंधा हीन पर कार्रवाई तुरन्त कीयी जाना चाहिए
रिपोर्टर :- नरसिंग बोल्लम आर पब्लिक न्यूज भारत मिडिया नेटवर्क
बल्लारपुर तहसील में अवैध रेत तस्करी का मायाजाल बिछ चुका है। बामणी, कारवां, कडमना के जंगलों और पड़सगाँव, किन्हीं, हारनपायली, कोठारी के नालों से बड़े पैमाने पर रेत की तस्करी हो रही है। सूत्रों के अनुसार, रात-दिन ट्रैक्टरों से रेत की ढुलाई बेरोकटोक जारी है, जिससे करोड़ों का राजस्व नुकसान हो रहा है।
शहर के राजुरा रोड पर हनुमान मंदिर के पास से दहेली-वर्धा नदी की काली रेत शासकीय भवन निर्माण और सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही है। बिना टी.पी. (ट्रांजिट पास) के रेत की तस्करी ज़ोरों पर है। स्थानीय और प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी माफियाओं के हौसले बुलंद कर रही है।
प्रत्येक ट्रैक्टर से वसूली की राशि अब ₹3,000 से बढ़कर ₹5,000 तक पहुंच गई है। अनुमान है कि 30 से 40 ट्रैक्टर प्रतिदिन रेत ढुलाई में लगे हैं। वहीं, वेकोली के आर.ओ. के पास स्थित सीमेंट रोड और साप्ताहिक बाजार परिसर में रेत का भंडारण खुलेआम हो रहा है। चंद्रपुर के एक ठेकेदार द्वारा करीब 20 ट्रैक्टर रेत जमा की गई है, जहां आम नागरिकों का प्रवेश प्रतिबंधित है।
संपूर्ण तहसील में रेत माफियाओं का दबदबा साफ नजर आता है। हर गली, हर निर्माण स्थल पर अवैध रेत का उपयोग हो रहा है। लेकिन प्रशासन और राजस्व विभाग गहरी नींद में हैं।
जनता की मांग है कि जिला अधिकारी बल्लारपुर तहसील में हो रही इस अवैध गतिविधि पर त्वरित और ठोस कार्रवाई करें, ताकि वर्धा नदी व पर्यावरण को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।