दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाये गये ठोस कदम
रिपोर्टर:- नरसिंग बोल्लम आर पब्लिक न्यूज भारत मिडिया नेटवर्क
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री गेस्ट हाउस में दिव्यांगों के सशक्तिकरण को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में दिव्यांगों के लिए स्वतंत्र घरकुल योजना को प्राथमिकता देने, अंत्योदय भोजन योजना में तत्काल शामिल करने, जिला दिव्यांग आवासों का निर्माण, दिव्यांग निगम के माध्यम से ऋण माफी, प्रशिक्षण, खेल सुविधाएं और मानदेय पदों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया.
प्रत्येक वर्ष जिला योजना से एक प्रतिशत धनराशि रखी जायेगी तथा ‘जिला विकलांग भवन’ की स्थापना की जायेगी तथा दिव्यांग निगम के माध्यम से ऋण माफी, प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण दवायें, पृथक खेल सुविधाओं हेतु कार्य किया जायेगा। यह भी निर्देश दिया गया कि लड़की बहिन योजना की तर्ज पर विकलांग लाभार्थियों की वित्तीय सहायता सीधे बैंक खाते में जमा की जाए और सभी योजनाओं को डीबीटी प्रणाली के माध्यम से लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री ने दिव्यांग नागरिकों के लिए तत्काल स्वतंत्र रोजगार नीति तैयार कर कैबिनेट में प्रस्तुत करने को कहा. इस मौके पर उन्होंने दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए राज्य भर में विशेष अभियान चलाने और विश्वविद्यालयों में दिव्यांग छात्रों के लिए अनुकूल सुविधाएं, सहायक उपकरण और परामर्श केंद्र बनाने का भी निर्देश दिया.
इस दौरान उनकी कला, खेल और रचनात्मकता को मंच देने के लिए राज्य स्तर पर हर साल दिव्यांग महोत्सव आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया. इस बैठक में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, पूर्व राज्य मंत्री बच्चू कडू, मुख्य सचिव सहित विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव उपस्थित थे