भूमाफियाओं के कब्जे में कराह रहा चंद्रपुर, लाखों की सरकारी जमीनों पर बन रही अवैध बस्तियां!
चंद्रपुर/महाराष्ट्र
दिनांक:- ०५/०६/२०२५
रिपोर्टर:- रमाकांत यादव रिड पब्लिक न्यूज़ मिडिया नेटवर्क
चंद्रपुर शहर के कोने-कोने में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायतें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। सबसे गंभीर स्थिति रैयतवारी कॉलरी, लालपेठ कॉलरी, रमा बाई नगर, मकज़ीन फुकट नगर और बिनबा गेट क्षेत्रों की है, जहां पर करोड़ों रुपये की सरकारी ज़मीन पर लोगों ने न सिर्फ कब्जा जमा लिया है, बल्कि उसे खुलेआम बेच भी रहे हैं। कई इलाकों में तो पूरा का पूरा “सिटी” बस चुका है, जहां मूल निवासी नहीं, बल्कि बाहर से आए लोग जड़ें जमा चुके हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व और नगर प्रशासन विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से यह खेल खुलेआम चल रहा है। सरकारी जमीनों को पहले चिन्हित किया जाता है, फिर उस पर कब्जा कर उसे प्लॉट के रूप में बेचा जाता है। कुछ मामलों में फर्जी कागज़ात बनाकर उसे रजिस्ट्री भी कर दी जाती है।
बारिश के दिनों में हालात और बदतर हो जाते हैं, क्योंकि जिन ज़मीनों पर नालों और जल निकासी के लिए रास्ता छोड़ा गया था, वे सब कब्जे में आ चुके हैं। इससे हर साल शहर डूबने की कगार पर आ जाता है।
सूत्रों के मुताबिक इन मामलों में स्थानीय रसूखदार, कुछ राजनैतिक नेताओं, और अधिकारियों की मिलीभगत सामने आ रही है। अगर निष्पक्ष जांच हो, तो कई बड़े नाम उजागर हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों की मांग है कि इन अवैध कब्जों पर तत्काल कार्रवाई हो। सरकारी जमीनों की जांच के लिए एक स्वतंत्र समिति गठित की जाए। जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है, उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही हो। कब्जा की गई ज़मीन को मुक्त करवा कर सार्वजनिक उपयोग के लिए सुरक्षित किया जाए।
चंद्रपुर की यह तस्वीर अब हर किसी को सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या सरकारी ज़मीन अब भी “सरकारी” है, या भूमाफियाओं की बपौती बन चुकी है?


