चंद्रपुर जिले में तेंदू पत्ता संग्रहण के संबंध में सुरक्षा निर्देश वन विभाग ने की सतर्क रहने की अपील
रिपोर्टर:- नरसिंग बोल्लम आर पब्लिक न्यूज भारत मिडिया नेटवर्क
चंद्रपुर, जिला. 18 मई: चंद्रपुर जिले में ब्रह्मपुरी, मध्य चंदा,
चंद्रपुर और ताड़ोबा – अंधारी टाइगर रिजर्व के साथ-साथ चंद्रपुर वन विभाग भी शामिल है, और जिले में वर्तमान में तेंदूपत्ता सीजन चल रहा है। इस वर्ष जिले के कुल 75 तेंदूपत्ता क्लस्टरों में से 70 में संग्रहण कार्य चल रहा है। इस कार्य से हर साल 35,000 से अधिक परिवारों को रोजगार मिलता है।
जिले के वन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में बाघों के विचरण के कारण तेंदूपत्ता संग्रहण करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है। इसके लिए वन विभाग द्वारा विशेष जागरूकता अभियान, विशेष टीमों की नियुक्ति एवं विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं।
हालांकि, तेंदू पत्ता सीजन-2025 के दौरान मई माह में बाघ के हमलों में 7 लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु के कारण वन विभाग तेंदू पत्ता एकत्रित करने वाले ग्रामीणों से निम्नलिखित सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन करने की अपील कर रहा है।
1. उन वन क्षेत्रों में प्रवेश से बचना चाहिए जहां बाघ रहते हैं।
2. केवल आस-पास के गांवों के लोगों को ही संग्रह के लिए अनुमति दी जानी चाहिए।
3. सुबह 8 बजे से पहले जंगल में प्रवेश न करें और
आपको शाम 5 बजे से पहले जंगल छोड़ देना चाहिए।
4. तुम्हें जंगल में अकेले नहीं जाना चाहिए। संग्रहण का कार्य वन विभाग की देखरेख में समूह द्वारा ही किया जाना चाहिए।
5. प्राथमिक चिकित्सा दल, ठेकेदार अग्निशमन कर्मियों और वन रेंज कर्मियों को संग्राहकों पर नजर रखनी चाहिए और बाघ की गतिविधि का पता चलने पर तुरंत उन्हें सचेत करना चाहिए।
6. संग्रहण के दौरान प्रदान किया गया मानव मास्क सिर के पीछे पहना जाना चाहिए।
7. यदि आपको बाघ दिखाई दे तो तुरंत वापस लौटें और वन विभाग को सूचित करें।
चंद्रपुर वन सेवा के मुख्य वन संरक्षक डॉ. ने अपील की है कि उपरोक्त निर्देशों का सख्ती से पालन कर अपनी और अपने साथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। लेखक: जितेन्द्र रामगांवकर.